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मनश्चिकित्सा की प्रकृति एंव विषय क्षेत्र का वर्णन कीजिए। मनश्चिकित्सा संबंध के महत्व उजागर कीजिए। - Psychology (मनोविज्ञान)

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Question

मनश्चिकित्सा की प्रकृति एंव विषय क्षेत्र का वर्णन कीजिए। मनश्चिकित्सा संबंध के महत्व उजागर कीजिए।

Answer in Brief

Solution

मनश्चिकित्सा का उद्देश्य व्यवहारों को बदलना, व्यक्ति कष्ट की भावना को कम करना तथा रोगी को अपने पर्यावरण से बेहतर ढंग से अनुकूल करने में मदद करना है। अपर्याप्त व्यवहारिक, व्यवहारिक तथा सामाजिक समायोजन की यह आवश्यकता होती है की व्यक्ति के व्यक्तिक पर्यावरण में परिवर्तन किया जाएं। सभी मनचिष्कित्सात्मक उपागमों में निम्न अभिलक्षण पाए जाते है - पहला की चिकित्सा के विभिन्न सिद्धांतो में अंतर्निहित नियमो का व्यवस्थित या क्रमबद्ध अनुप्रयोग होता है, दूसरा, केवल वे व्यक्ति जिन्हे कुशल पर्यवेक्षण में व्यवहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया हो, मनश्चिकित्सा कर सकते है, हर कोई नहीं। एक प्रशिक्षित व्यक्ति अनजाने में लाभ के बजाये हानि अधिक पंहुचा सकता है। तीसरा की चिकित्सात्मक स्थितियों में एक चिकित्स्क और एक सेवार्थी होता है जो अपनी संवेगात्मक समस्याओ के लिए सहायक चाहता है और प्राप्त करता है तथा चौथा इन दोनों व्यक्तियों, चिकित्स्क और सेवार्थी के बिच की अतः क्रिया के परिणामस्वरूप एक चिकित्सतक संबंध का निर्णंय एंव उसका सृढ़ीकरण होता है। यह एक गोपनीय, अंतर्वैयक्तिक एव गत्यात्मक संबंध होता है। यह मानवीय संबंध किसी भी मनोवैज्ञानिक चिकित्सा का केंद्र होता है तथा यही परिवर्तन का माध्यम बनता है।

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मनश्चिकित्सा की प्रकृति एवं प्रक्रिया
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Chapter 5: चिकित्सा उपागम - समीक्षात्मक प्रश्न [Page 111]

APPEARS IN

NCERT Psychology [Hindi] Class 12
Chapter 5 चिकित्सा उपागम
समीक्षात्मक प्रश्न | Q 1. | Page 111
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