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Question
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
मोथी घास और पटरे की रंगीन शीतलपाटी, बाँस की तीलियों की झिलमिलाती चिक, सतरंगे डोर के मोढ़े, भूसी-चुन्नी रखने के लिए मूँज की रस्सी के बड़े-बड़े जाले, हलवाहों के लिए ताल के सूखे पत्तों की छतरी-टोपी तथा इसी तरह के बहुत-से काम हैं जिन्हें सिरचन के सिवा गाँव में और कोई नहीं जानता। यह दूसरी बात है कि अब गाँव में ऐसे कामों को बेकाम का काम समझते हैं लोग। |
(1) लिखिए- (2)
ग्रामीण समाज की हस्तनिर्मित वस्तुएँ-
- ______
- ______
(2) ग्रामीण हस्तकला पर 25-30 शब्दों में प्रकाश डालिए। (2)
Answer in Brief
Solution
(1) ग्रामीण समाज की हस्तनिर्मित वस्तुएँ-
- मोथी घास और पटरे की रंगीन शीतलपाटी।
- बाँस की तीलियों की झिलमिलाती चिक।
(2) ग्रामीण हस्तकला गाँव के लोगों की एक पुरातन कला हैं जों उन्हें अपने पीढ़ियों से प्राप्त होती हैं। इन्हें प्रशिक्षण के नाम पर बाप-दादाओं के साथ इनका कार्य अनुभव शामिल होता है। आधुनिकता की आड़ में अब यह कला मृतप्राय: हो रही है। कारीगरों का पलायन शहर की ओर हो रहा है, जिससे ग्रामीण स्तर पर कलाकारों का अभाव हो गया है। कलाकारों को उचित सम्मान न मिलना भी दुखदायक है।
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ठेस
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