Advertisements
Advertisements
Question
“मुझसे भी कुछ कहना उन्होंने बंद कर दिया है।” -में रेखांकित का पदबंध भेद है।
Options
संज्ञा पदबंध
सर्वनाम पदबंध
विशेषण पदबंध
क्रिया पदबंध
Solution
क्रिया पदबंध
RELATED QUESTIONS
'वामीरो फटती हुई धरती के किनारे चीखती हुई दौड़ रही थी।' रेखांकित पदबंध का भेद है -
'निर्भीक और साहसी वज़ीर अली अपने अधिकार के लिए लड़ रहा था।' इस वाक्य में विशेषण पदबंध है -
'बादशाह सुलेमान मानव जाति के साथ-साथ पशु पक्षियों के भी राजा हैं।' रेखांकित पदबंध का भेद है -
'हरिहर काका धीरे-धीरे चलते हुए आँगन तक पहुँचे' रेखांकित पदबंध का भेद है-
'सुलेमान केवल मानव जाति के ही राजा नहीं थे, सारे छोटे-बड़े पशु-पक्षी के भी हाकिम थे।' रेखांकित पदबंध का भेद है -
'जीने मरने वाले मनुष्य तो हो सकते हैं पर सही अर्थों में नहीं।' इस वाक्य में विशेषण पदबंध होगा -
'अकसर हम या तो गुज़रे हुए दिनों की खट्टी-मीठी यादों में उलझे रहते हैं या भविष्य के रंगीन सपने देखते रहते हैं।' रेखांकित पदबंध का भेद है -
'खिड़की के बाहर अब असहाय दोनों कबूतर रात-भर खामोश और उदास बैठे रहते हैं।' रेखांकित पदबंध का भेद है -
“मैं तो खेलते-कुदते दरजे में अव्वल आ गया।” - वाक्य में रेखांकित पदबंध है:
“बार-बार तताँरा का याचना भरा चेहरा उसकी आँखों में तैर जाता।" - इस वाक्य में संज्ञा पदबंध है:
"सबकी सहायता करने वाले आप" आज उदास क्यों हैं? - वाक्य में रेखांकित पदबंध हैः
'समुद्र किनारे ठंडी और भीगी बयार चल रही थी।' - इस वाक्य में विशेषण पदबंध है -
“उतनी मेहनत से मुझे तो चक्कर आ जाता था।" वाक्य में रेखांकित पदबंध है।
“तताँरा को देखते ही वह ज़ोर से फूट-फूटकर रोने लगी।" - वाक्य में रेखांकित पदबंध है।
तोतों को उनकी दहकती-भूरी आँखों से भय न लगता था।
'मोनुमेंट के नीचे ठीक चार बजकर चौबीस मिनट पर झंडा फहराया जाएगा।' इस वाक्य में रेखांकित पदबंध का भेद है -
'अंग्रेज़ों की आँखों में धूल झोंकने वाला वह आजमगढ़ की तरफ़ भाग गया।' इस वाक्य में रेखांकित पदबंध का भेद है -
"अपने गाँव के जिन चंद लोगों को मैं सम्मान देता हूँ, उनमें हरिहर काका भी एक हैं।" - इस वाक्य में रेखांकित का पदबंध भेद है।
“हरिहर काका के प्रति मेरी आसक्ति के अनेक व्यावहारिक और वैचारिक कारण हैं।” -इस वाक्य में रेखांकित का पदबंध भेद है।