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नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :जाकी अँग-अँग बास समानी - Hindi Course - B

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Question

नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जाकी अँग-अँग बास समानी

Short Note

Solution

कवि के अंग-अंग मे राम-नाम की सुगंध व्याप्त हो गई है। जैसे चंदन को पानी के साथ रगड़ने पर सुंगधित लेप बनती है, उसी प्रकार राम-नाम के लेप की सुंगधि उसके अंग-अंग में समा गई है कवि इसकी अनुभूति करता है।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
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Chapter 7: रैदास - अब कैसे छूटे राम नाम … ऐसी लाल तुझ बिनु … - प्रश्न अभ्यास [Page 75]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Sparsh Part 1 Class 9
Chapter 7 रैदास - अब कैसे छूटे राम नाम … ऐसी लाल तुझ बिनु …
प्रश्न अभ्यास | Q 2.1 | Page 75

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नीचे लिखी पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए :
जाकी जोति बरै दिन राती


जाकी अंग-अंग वास समानी’ में जाकी’ किसके लिए प्रयुक्त है? इससे कवि को क्या अभिप्राय है?


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