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निबंध लिखिए: ईमानदारी -

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Question

निबंध लिखिए:

ईमानदारी

Long Answer

Solution

ईमानदारी

ईमानदारी मनुष्य का ईमान है जो मनुष्य के सच्चे होने का गुण है। ईमानदार व्यक्ति समाज में इज्जत पाता है जबकि बेईमान को बेइज्जती मिलती है। ईमानदारी इंसान को सच के मार्ग पर चलने को प्रेरित करती है। यह व्यक्ति की सोच पर निर्भर होती है। इंसान जैसा सोचता है वैसा ही करता है। यह इंसान के रिश्तों का आधार है। ईमानदारी इंसान को प्रसंशा दिलाती है। ऐसी ही एक कथा राजा की थी।

एक राज्य में एक राजा राज करता था। राजा के तीन बेटे थे। अब समय आ गया था कि राजा अपना उत्तराधिकारी चुने, क्योंकि अब राजा बूढ़ा हो गया था। लेकिन उसे समझ नहीं आता है कि वो कौनसे बेटे तो राजा बनाये। इसलिए उसने एक उपाय सोचा और तीनों बेटो को अपने पास बुलाकर उत्तराधिकारी वाली बात बताई। राजा ने तीनों को एक-एक बीज दिया और कहा कि “ये बीज आपको एक गमले में उगाना है और ठीक एक वर्ष पश्चात मैं देखूँगा कि आपने बीज की कैसे रखवाली की है और उसे कितना बड़ा किया है? इसी आधार पर मै अपना उत्तराधिकारी चुनूँगा।” ऐसा कहकर राजा तीनों को जाने के लिए कहता है। अब तीनों बेटों ने बगीचे मे से एक-एक खाली गमला उठाया और अपने-अपने बीजों को उसमें बो दिया। तीनों ने खूब मेहनत की और बीज को पानी पिलाकर बड़ा करने लगे। 

एक वर्ष बाद राजा तीनों को अपने पास बुलाता है और सबको अपना गमला दिखाने को कहता है। दोनों बड़े बेटे अपने गमले पिता को दिखाते है, उन गमलों में बड़े से पौधे उग गए थे। अब तीसरे बेटे की बारी आती है तो उसका गमला खाली मिलता है। राजा तीसरे बेटे को पूछता है कि उसका गमला खाली क्यों है? तब वह जवाब देता है कि “पिताश्री मैंने बहुत कोशिश की लेकिन यह बीज अंकुरित ही नहीं हुआ। मैंने इसे वर्ष भर पानी पिलाया और देखभाल की।” अब राजा कहता है कि “वक्त आ गया है कि मैं अपने उत्तराधिकारी का नाम बताऊँ”। राजा अपने तीसरे बेटे को राजा बनाता है। तभी उसके दोनों बेटो ने आपत्ति जताई कि पिताश्री हमारे गमलों में बड़े पौधे थे लेकिन फिर भी आपने इसे राजा क्यों बनाया जबकि इसका गमला तो खाली है। ये तो अन्याय है। तब राजा ने तीनो को पूरी बात बताई की उसने एक वर्ष पहले तीनो को उबले हुए बीज दिये थे, जिनका पौधा बनाना तो असम्भव है, इसलिए तीसरे बेटे का बीज नहीं उगा। लेकिन तुम दोनों ने तो असम्भव को सम्भव कर दिया और फिर वह हँसने लगा। राजा ने तीसरे बेटे की ईमानदार देख उसे उत्तराधिकारी बना दिया।

सीख: यदि हम ईमानदारी रखते है तो कभी हमारा नुकसान नहीं होता है।

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