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Question
निबंध लिखिए -
जल संचयन
Solution
जल संचयन
जल ही जीवन है, यह तो हमने सुना ही है। अगर धरती पर जीवन के अस्तित्व को बनाए रखना है, तो जल का संरक्षण और बचाव बहुत जरूरी है, क्योंकि बिना जल के जीवन असभव है। पूरे ब्रह्माण्ड में धरती एक ऐसा ग्रह है, जहाँ जीवन और पानी दोनों चीजे मौजूद है। संयुक्त राष्ट्र के संचालन के अनुसार, राजस्थान में लड़कियाँ स्कूल नहीं जाती हैं, क्योंकि उन्हें पानी लाने के लिए लंबी-लंबी कतार में और कई किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे उनका पूरे दिन इसी में निकल जाता है। जल का व्यर्थ उपयोग हमारे जीवन को संकट में डाल सकता है क्योंकि पृथ्वी पर का सिर्फ 1% पानी ही हमारे लिए उपयोगी है। बढ़ती जन संख्या और औद्योगिकरण के कारण दुनिया के सभी देशों पर जल संकटकी विपदा आ पड़ी है। वर्तमान समय में हमारे आनेवाले भविष्य के लिए जल संरक्षण करना बेहद आवश्यक हो गया है क्योंकि - जल है तो कल है।
दिन-पर-दिन भारत ही नहीं विश्व में आबादी बढ़ने लगी है और साथ ही उद्योग, कारखानों आदि में भी तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसके लिए जल स्रोतों की आवश्यकता रहती है। मगर पानी की कमी के चलते हमारे पास जल का सीमित संग्रह ही बचा हुआ है। ऐसी स्थिति में जल संरक्षण ही एक मात्र उपाय है, जो कि हमें और हमारे आने वाली पीढ़ी को इस संकट से बचा सकता है। जल की कमी के कारण पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा और आगे चलकर पर्यावरण की स्थिति और भी खराब हो जाएगी। जिसका असर वन उपवन और वन्य जीव पर भी पड़ेगा।
पानी की जरूरत हमारे जीवन भर है इसलिए इसको बचाने के लिए केवल हम ही जिम्मेदार हैं। जल संरक्षण के उपाय के लिए हमें सबसे पहले वर्षा के जल का संग्रह करना होगा। इसलिए देश में ज्यादा से ज्यादा वर्षा जल संचयन के प्रोजेक्ट शुरू करने होंगे। दैनिक कार्य में पानी का उपयोग कम करना होगा। विज्ञान की मदद लेकर सागर के खारे पानी को मीठा पानी में बदलकर इसका उपयोग करना होगा। ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने होंगे। जितनी आवश्यकता हो उतने ही जल का प्रयोग करना चाहिए। बहुत से लोगों की यह आदत होती है कि वह जरूरत से ज्यादा पानी को बहाते हैं जिससे कि पानी की बर्बादी होती है। इस समय पता चलता है कि भावी पीढ़ी जल के संकट से गुजरने वाली है। इसलिए हमें वर्तमान समय में जल संरक्षण करने की आवश्यकता है।