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Question
नीचे दिए गए ब्यौरों में लोकतंत्र की चुनौती की पहचान करें। ये स्थितियाँ किस तरह नागरिकों के गरिमापूर्ण, सुरक्षित और शांतिपूर्ण जीवन के लिए चुनौती पेश करती हैं। लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए नीतिगत संस्थागत उपाय भी सुझाएँ
- उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद उड़ीसा में दलितों और गैर-दलितों के प्रवेश के लिए अलग-अलग दरवाजा रखने वाले एक मंदिर को एक ही दरवाजे से सबको प्रवेश की अनुमति देनी पड़ी।
- भारत के विभिन्न राज्यों में बड़ी संख्या में किसान आत्महत्या कर रहे हैं।
- जम्मू कश्मीर के गंड़वारा में मुठभेड़ बताकर जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा तीन नागरिकों की हत्या करने के आरोप को देखते हुए इस घटना के जाँच के आदेश दिए।
Answer in Brief
Solution
- पहली घटना में जातिवाद की चुनौती लोकतंत्र के समक्ष है। इसके कारण समाज में रहने वाले कुछ लोगों को अपमान सहना पड़ता है। जिन जातियों को नीचा या अछूत या दलित कहा जाता है उन्हें जीवन की मूलभूत सुविधाओं से दूर रखा जाता है जो लोकतंत्र के खिलाफ हैं। ऐसे में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए कानून बनाकर, उन्हें कठोरता से लागू करके जातिवाद की समस्या से निपटना होगा।
- दूसरी घटना में लोकतंत्र के सामने गरीबी प्रमुख चुनौती है। गरीबी के कारण किसान कर्ज में डूबता चला जाता है और जब वह कर्जा चुकाने की स्थिति में नहीं होता तो वह आत्महत्या का रास्ता अपनाता है। लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए सरकार को इन गरीब किसानों की मदद करनी होगी, उन्हें ऋण देने के लिए गाँवों में सरकारी बैंकों की स्थापना करनी होगी तथा कृषि के लिए आवश्यक चीजें कम कीमत पर उपलब्ध करानी होगी। जब तक गरीबी रहेगी तब तक लोकतंत्र मजबूत नहीं हो सकता क्योंकि एक गरीब व्यक्ति केवल दो समय की रोटी के जुगाड़ में लगा रहेगा। वह देश के हित में कुछ नहीं कर पाएगा।
- तीसरी घटना में सरकारी विभागों में फैला भ्रष्टाचार लोकतंत्र के सम्मुख एक चुनौती है। लोकतांत्रिक देशों में विभिन्न स्तरों पर भ्रष्टाचार का बोलबाला है जिससे सत्ता में आए व्यक्ति अपनी सत्ता का प्रयोग अपने निजी हित के लिए करने लगते हैं। इससे नागरिकों का जीवन, संपत्ति संकट में पड़ जाते हैं। वे सरकारी अधिकारी जिनका काम नागरिकों की सेवा करना है वही लोग नागरिकों के शत्रु बन जाते हैं। ऐसे में लोकतांत्रिक शासन की नींव हिल जाती है। लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए हर स्तर से भ्रष्टाचार को मिटाना होगा। इसके लिए कानून बनाने होंगे। उन्हें सख्ती से लागू करना होगा तथा सरकारी पदों पर नियुक्ति के समय निष्पक्षता से काम लेना होगा जिससे सही व्यक्ति महत्त्वपूर्ण पद प्राप्त कर सकें।
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लोकतंत्र के परिणामों का मूल्यांकन कैसे करें?
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निम्नलिखित कथनों के पक्ष या विपक्ष में तर्क दें
- औद्योगिक देश ही लोकतांत्रिक व्यवस्था का भार उठा सकते हैं पर गरीब देशों को आर्थिक विकास करने के लिए तानाशाही चाहिए।
- लोकतंत्र अपने नागरिकों के बीच की असमानता को कम नहीं कर सकता।
- गरीब देशों की सरकार को अपने ज्यादा संसाधन गरीबी को कम करने, आहार, कपड़ा, स्वास्थ्य तथा शिक्षा पर लगाने की जगह उद्योगों और बुनियादी आर्थिक ढाँचे पर खर्च करने चाहिए।
- नागरिकों के बीच आर्थिक समानता अमीर और गरीब, दोनों तरह के लोकतांत्रिक देशों में है।
- लोकतंत्र में सभी को एक ही वोट का अधिकार है। इसका मतलब है कि लोकतंत्र में किसी तरह का प्रभुत्व और टकराव नहीं होता।
लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के संदर्भ में इनमें से कौन-सा विचार सही है-लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं ने सफलतापूर्वक
लोकतंत्र के मूल्यांकन के लिहाज से इनमें कोई एक चीज लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के अनुरूप नहीं है। उसे चुनें
लोकतांत्रिक व्यवस्था के राजनीतिक और सामाजिक असमानताओं के बारे में किए गए अध्ययन बताते हैं कि