Advertisements
Advertisements
Question
नीचे प्रदर्शित अम्ल के युग्म में कौन-सा अम्ल अधिक प्रबल है?
CH3CO2H अथवा CH2FCO2H
Solution
प्रोटोन का निकलना कठिन होता है, क्योंकि −CH3 समूह का +I प्रभाव O–H आबंध में इलेक्ट्रॉन-घनत्व बढ़ा देता है। |
प्रोटोन का निकलना सरल होता है, क्योंकि −F का −I प्रभाव O–H आबंध में इलेक्ट्रॉन-घनत्व घटा देता है। |
ऋणावेश की सघनता से +I प्रभाव कार्बोक्सिलेट आयन को अस्थायी कर देता हैं। |
ऋणावेश की फ़ैल जाने से –I प्रभाव कार्बोक्सिलेट आयन को स्थायी कर देता हैं। |
अत: O–H आबंध में कम इलेक्ट्रॉन-घनत्व तथा FCH2COO– आयन के उच्च स्थायित्व के कारण FCH2COOH, CH3COOH की अपेक्षा एक प्रबल अम्ल है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
नीचे प्रदर्शित अम्ल के युग्म में कौन-सा अम्ल अधिक प्रबल है?
CH2FCO2H अथवा CH2ClCO2H
नीचे प्रदर्शित अम्ल के युग्म में कौन-सा अम्ल अधिक प्रबल है?
CH2FCH2CH2CO2H अथवा CH3CHFCH2CO2H
नीचे प्रदर्शित अम्ल के युग्म में कौन-सा अम्ल अधिक प्रबल है?
निम्नलिखित यौगिकों को उनसे संबंधित (कोष्ठक में दिए गए) गुणधर्म के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए-
CH3CH2CH(Br)COOH, CH3CH(Br)CH2COOH, (CH3)2CHCOOH, CH3CH2CH2COOH (अम्लता के क्रम में)
निम्नलिखित यौगिकों को उनसे संबंधित (कोष्ठक में दिए गए) गुणधर्म के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए-
बेन्ज़ोइक अम्ल, 4-नाइट्रोबेन्ज़ोइक अम्ल, 3, 4-डाईनाइट्रोबेन्ज़ोइक अम्ल, 4-मेथॉक्सी बेन्ज़ोइक अम्ल (अम्लता की सामर्थ्य के क्रम में)
यद्यपि फीनॉक्साइड आयन की अनुनादी संरचनाएँ कार्बोक्सिलेट आयन की तुलना में अधिक हैं, परंतु कार्बोक्सिलिक अम्ल फीनॉल की अपेक्षा प्रबल अम्ल है, क्यों?