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निम्न मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए : १. रचना का नाम २. रचनाकार की विधा ३. पसंदीदा पंक्ति ४. पसंद होने का कारण ५. रचना से प्राप्त संदेश - Hindi [हिंदी]

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Question

निम्न मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए :

१. रचना का नाम

२. रचनाकार की विधा

३. पसंदीदा पंक्ति

४. पसंद होने का कारण

५. रचना से प्राप्त संदेश

Answer in Brief

Solution

१. रचना का नाम - अदम गोंडवी 

२. रचनाकार की विधा - गजल

३. पसंदीदा पंक्ति

मेरी कश्ती का खिवैया है, मुहाफिज तू है,
कितने आते हैं यहाँ, कितने भँवर जाते हैं ।

४. पसंद होने का कारण - इस शेर के माध्यम से गजलकार ने लोगों के सामने यह स्पष्ट किया है कि ईश्वर ही हमारी नाव का खेनेवाला है, हमारा रक्षक है | जब तक वह हमारी नाव का खेवनहार है, हमारा रक्षक है, तब तक इस तरह के आने जाने वाले भँवरों की कोई चिंता नहीं है | ऐसे भँवर तो आते-जाते रहते हैं | गजलकार यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि यदि ईश्वर हमारा रक्षक है, तो कोई भी आपदा हमारा कुछ नहीं कर सकती |

५. रचना से प्राप्त संदेश - इस गजल से हमें आपसी भाई-चारे, देश के लिए सर्वस्व लुटाने तथा 'एकला चलो' का संदेश मिलता है | 

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गजलें
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Chapter 1.12: गजलें - स्‍वाध्याय [Page 55]

APPEARS IN

Balbharati Hindi - Kumarbharati 10 Standard SSC Maharashtra State Board
Chapter 1.12 गजलें
स्‍वाध्याय | Q (६) | Page 55

RELATED QUESTIONS

लिखिए : 

कवि यहाँ रहता है - ______  


कृति पूर्ण कीजिए :

 


चौखट में दिए शब्‍दों की उचित जोड़ियाँ मिलाकर लिखिए : 

कश्ती आँख सोना
खिवैया प्यार उँगलियाँ
दुनिया जुगनू रोशनी
आँसू सागर निखरना
जज्‍बा    
जुगनू सागर
प्यार खिवैया
उँगलियाँ रोशनी
सोना निखरना
आँख कश्ती
दुनिया आँसू

वाक्य पूर्ण कीजिए : 

घर वही होता है - ______ 


वाक्य पूर्ण कीजिए : 

हम उन्हीं से मिलते हैं - ______ 


वाक्य पूर्ण कीजिए : 

फूल यहीं खिलते हैं - ______ 


वाक्य पूर्ण कीजिए : 

जुगनू कभी यह नहीं बन पाता - ______ 


(गजलें) इस कविता के अंतिम दो पंक्‍तियाें का भावार्थ लिखिए।

जब भी आते हैं मेरी आँख में आँसू ‘बेदिल’,
जख्म सीने के मेरे, और निखर जाते हैं। 


निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

दिल के सूरज को, सलीबों पे चढ़ाने वालो।
रात ढल जाएगी, इक रोज जमाने वालो।

में तो खुशबू हूँ, किसी फूल में बस जाऊँगा,
तुम कहाँ जाओगे, कॉँटों के बिछाने वालो।

मैं उसूलों के उजालों में रहा करता हैँ,
सोच लों मेरी तरफ लौट के आने वालो।

उँगलियाँ तुमपे उठाएगी ये दुनिया इक दिन,
अपने 'बेदिल' से नजर फेर के जाने वालो।

(1) जोड़ियाँ मिलाकर फिर से लिखिए :  (2)

'अ' 'आ'
(i) दिल का सूरज (अ) बेदिल से
(ii) खुशबू बसेगी (ब) उसूलों के
(iii) उजालों में रहना (क) फूल में
(iv) नजर फेर लेना (ड) सलीबों पे चढ़ेगा

(2) 'बुरा जो देखन मैं चला, मुझसे बुरा न कोय' इस विषय पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।  (2)


निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

जहाँ पर भाईयों में प्यार का सागर नहीं होता,
वो ईंटों का मकाँ होता है, लेकिन घर नहीं हाेता।

जो अपने देश पर कटने का जज्‍बा ही न रखता हो,
वो चाहे कुछ भी हो सकता है, लेकिन सर नहीं होता।

जो समझौते की बातें हैं, खुले दिल से ही होती हैं,
जो हम मिलते हैं उनसे, हाथ में खंजर नहीं होता।

हकीकत और होती है, नजर कुछ और आता है,
जहाँ पर फूल खिलते हैं, वहाँ पत्‍थर नहीं होता।

  1. एक/दो शब्दों में उत्तर लिखिए:    (2)
    1. जहाँ भाईयों में प्यार होता है वहाँ - ______
    2. जिसमें अपने देश पर कटने का जज्‍बा होता है उसे - ______
    3. जहाँ समझौते की बातें होती हैं वहाँ - ______
    4. जहाँ फूल खिलते हैं वहाँ - ______
  2. 'अपनत्व की भावना' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।   (2)

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