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Question
निम्नलिखित अपठित परिच्छेद पढ़कर दी गई सूचनाओं केअनुसार कृतियाँ कीजिए:
सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति के बाद शनि ग्रह की कक्षा है। शनि सौरमंडल का दूसरा बड़ा ग्रह है। यह हमारी पृथ्वी के करीब 750 गुना बड़ा है। शनि के गोले का व्यास 116 हज़ार किलोमीटर है; अर्थात्, पृथ्वी के व्यास से करीब नौ गुना अधिक। सूर्य से शनिग्रह की औसत दूरी 143 करोड़ किलोमीटर है। यह ग्रह प्रति सेकंड 9.6 किलोमीटर की औसत गति से करीब 30 वर्षों में सूर्य का एक चक्कर लगाता है। अत: 90 साल का कोई बूढ़ा आदमी यदि शनि ग्रह पर पहुँचेगा, तो उस ग्रह के अनुसार उसकी उम्र होगी सिर्फ तीन साल ! हमारी पृथ्वी सूर्य से करीब 15 करोड़ किलोमीटर दूर है। तुलना में शनि ग्रह दस गुना अधिक दूर है। इसे दूरबीन के बिना कोरी आँखों से भी आकाश में पहचाना जा सकता है। पुराने ज़माने के लोगों ने इस पीले चमकीले ग्रह को पहचान लिया था। प्राचीन काल के ज्योतिषियों को सूर्य, चंद्र और काल्पनिक राहु-केतु के अलावा जिन पाँच ग्रहों का ज्ञान था उनमें शनि सबसे अधिक दूर था। शनि को 'शनैश्वर' भी कहते हैं। आकाश के गोल पर यह ग्रह बहुत धीमी गति से चलता दिखाई देता है, इसीलिए प्राचीन काल के लोगों ने इसे 'शनैःचर नाम' दिया था। 'शनैःचर' का अर्थ होता है - धीमी गति से चलने वाला। लेकिन बाद के लोंगों ने इस शनैश्चर को 'सनीचर' बनों डाला ! सनीचर का नाम लेते ही अंधविश्वासियों की रूह काँपने लगती है। फलित-ज्योतिषियों की पोथियों में इस ग्रह को इतना अशुभ माना गया हैं कि जिस राशि में इसका निवास होता है उसके आगे और पीछे की राशियों को भी यह छेड़ता है। एक बार यदि यह ग्रह किसी की राशि में पहुँच जाए तो फिर साढ़े सात साल तक उसकी खैर नहीं ! हमारी पौराणिक कथाओं के अनुसार शनि महाराज सूर्य के पुत्र हैं। भैंसा इनका वाहन है। पाश्चात्य ज्योतिष में शनि को सैटर्न कहते हैं। यूनानी आख्यानों के अनुसार सैटर्न जूपिटर के पिता हैं। रोमन लोग सैटर्न को कृषि का देवता मानते थे। हमारे देंश में शनि महाराज तेल के देवता बन गए हैं ! |
1. संजाल पूर्ण कीजिए। (2)
2. निम्नलिखित शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए: (2)
- आकाश
- कथा
- सूर्य
- आँख
3. 'सौर मंडल' इस विषय पर अपने विचार लिखिए। (2)
Solution
1.
2.
- आकाश - गगन
- कथा - कहानी
- सूर्य - रवि
- आँख - नयन
3. सौर मंडल ग्रह और तारों का एक ऐसा समूह हैं जिसमे एक या दो तारे खुद की या एक दूसरे की परिक्रमा करते हैं और उन तारों की परिक्रमा उस सौर मंडल में स्थित ग्रह, उनके चंद्रमा, बौने ग्रह और एस्ट्रोइड करते हैं। सौरमंडल में सूर्य और वह खगोलीय पिंड सम्मिलित हैं, जो इस मंडल में एक-दूसरे से गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा बंधे हैं। हमारे सूरज और उसके ग्रहीय मण्डल को मिलाकर हमारा “सौर मण्डल' बनता है। सौर मण्डल में 8 ग्रह है- बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, युरेनस और नेपच्यून/ग्रहों के उपग्रह भी होते हैं। जो अपने ग्रहों की परिक्रमा करते हैं। सूर्य हमारी पृथ्वी से 3 लाख गुना बड़ा है। सूर्य आकाश गंगा के चारों ओर 250 किमी प्रति सेंकेंड की गति से परिक्रमा कर रहा है। सूर्य आकाशगंगा से लगभग 30,000 प्रकाश वर्ष दूरी पर स्थित हैं। सूर्य सौरमंडल का सबसे बड़ा पिंड है।