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निम्नलिखित का उत्तर लगभग १०० से १२० शब्दों में लिखिए: ‘नर हो, न निराश करो मन को ', इस उक्ति का पल्लवन कीजिए। - Hindi

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Question

निम्नलिखित का उत्तर लगभग १०० से १२० शब्दों में लिखिए:

‘नर हो, न निराश करो मन को ', इस उक्ति का पल्लवन कीजिए।

Answer in Brief

Solution

यह सार्वभौमिक सत्य है कि मनुष्य संसार का सबसे अधिक गुणवान और बुद्‌धिसंपन्न प्राणी है। वह अपनी अद्भुत बुद्‌धि एवं अपने कौशल के बल पर इस संसार में महान से महान कार्य कर अपने साहस और सामर्थ्य का परिचय दे चुका है। शांति, सद्भाव और समानता की स्थापना के लिए वह प्रयासरत रहा। इन सबके पीछे उसका आंतरिक, मानसिक बल ही था। चूँकि मनुष्य विधाता की सर्वोत्कृष्ट एवं सर्वाधिक गुणसंपन्न कृति है। अत: उसे अपने जीवन में कभी निराश नहीं होना चाहिए। यह तो मनुष्य का जीवन है कि जहाँ उसके जीवन में सुख है, वहाँ दु:ख भी है, लाभ है तो हानि भी है, सफलताएँ हैं तो असफलताएँ भी हैं। यदि उसका मन ही पराजित हो जाएगा, थक जाएगा तो इस धरा को स्वर्ग-सा कैसे बना पाएगा? उसके मन की इसी संकल्प-विकल्पमयी, साहसिक शक्ति को उसका मनोबल कहा जाता है। जो उसे हर समय श्रेष्ठ बनने हेतु कर्म के लिए प्रेरित करता है।

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पल्लवन
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निम्नलिखित का उत्तर लगभग १०० से १२० शब्दों में लिखिए:

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