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Question
निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित दिए गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:
हे ग्राम देवता! नमस्कार! सोने-चाँदी से नहीं किंतु तुमने मिट्टी से किया प्यार। हे ग्राम देवता! नमस्कार! जन कोलाहल से दूर कहीं एकाकी सिमटा-सा निवास, रवि-शशि का उतना नहीं कि जितना प्राणों का होता प्रकाश। श्रम-वैभव के बल पर करते हो, जड़ में चेतन का विकास, दानों-दानों में फूट रहे, सौ-सौ दानों के हरे हास। यह है न पसीने की धारा, यह गंगा की है धवल धार। हे ग्राम देवता! नमस्कार अधखुले अंग जिनमें केवल है कसे हुए कुछ अस्थि-खंड जिनमें दधीचि की हड्डी है, यह वज्र इंद्र का है प्रचंड! जो है गतिशील सभी ऋतु में गर्मी, वर्षा हो या कि ठंड। जग को देते हो पुरस्कार, देकर अपने को कठिन दंड। झोपड़ी झुकाकर तुम अपनी, ऊँचे करते हो राज-द्वार! हे ग्राम देवता! नमस्कार! |
- 'किसान स्वयं छोटे-से घर में संतुष्ट रहता है।' -यह भाव किन पंक्तियों में आया है?
- सोने-चाँदी से नहीं किंतु
तुमने मिट्टी से किया प्यार। - जन कोलाहल से दूर कहीं
एकाकी सिमटा-सा निवास। - रवि-शशि का उतना नहीं कि
जितना प्राणों का होता प्रकाश। - जो है गतिशील सभी ऋतु में
गर्मी, वर्षा हो या कि ठंड।
- सोने-चाँदी से नहीं किंतु
- किसान को कवि ने 'देवता' क्यों कहा है?
- गर्मी-सर्दी सभी ऋतुओं में कठोर परिश्रम करने के कारण
- ऊँचे-ऊँचे राज-प्रासादों में रहने वालों का पेट भरने के कारण
- सोने-चाँदी के स्थान पर मिट्टी से प्रेम करने के कारण
- अपने श्रमबल से अन्न उपजा कर संसार का पेट भरने के कारण
- किसान के परिश्रम का परिणाम है।
- गंगा की धारा का धवल होना
- खेतों में चहल-पहल होना
- ऊसर भूमि का हरे-भरे खेतों में बदलना
- पसीने का वर्षा में बदलना
- अंतिम पद में किसान की कौन-सी विशेषताओं का वर्णन है?
- सहनशीलता-उदारता
- अहिंसक-सत्यवादी
- कर्मठ-प्रतिभाशाली
- दानवीर-विश्वसनीय
- कथन और कारण पर विचार करते हुए सही विकल्प चुनिए:
कथन: किसान को किसी तरह का लालच नहीं है
कारण: किसान धन-दौलत से ऊपर उठकर मिट्टी से प्रेम करता है। मिट्टी ही उसका जीवन है।- कथन गलत है, किंतु कारण सही है।
- कथन सही है, किंतु कारण गलत है।
- कथन सही है, किंतु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है।
- कथन सही है और कारण, कथन की सही व्याख्या है।
Comprehension
Solution
- जन कोलाहल से दूर कहीं
एकाकी सिमटा-सा निवास। - अपने श्रमबल से अन्न उपजा कर संसार का पेट भरनेके कारण।
- ऊसर भूमि का हरे-भरे खेतों में बदलना।
- सहनशीलता-उदारता
- कथन सही है और कारण, कथन की सही व्याख्या है।
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