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Question
निम्नलिखित के लिए दृश्य प्रकाश में अवशोषण की तरंगदैर्ध्य का सही क्रम क्या होगा?
[Ni(NO2)6]4−, [Ni(NH3)6]2+, [Ni(H2O)6]2+
Solution
स्पेक्ट्मी रासायनिक श्रेणी में दिए गए संकर यौगिकों में उपस्थित लिगन्डों का क्रम निम्न प्रकार है –
\[\ce{H2O < NH3 < NO^-_2}\]
इसलिए अवशोषित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य का क्रम निम्न होगा –
[Ni(H2O)6]2+ < [Ni(NH3)6]2+ < [Ni(NO2)6]4−
चूँकि अवलोकित तरंगदैर्ध्य अवशोषित तरंगदैर्ध्य की पूरक होती हैं, इसलिए अवशोषित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य E = `(hc)/λ` विपरीत क्रम में होगी अर्थात् [Ni(NO2)6]4− < [Ni(NH3)6]2+ < [Ni(H2O)6]2+।
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