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Question
निम्नलिखित पर कार्यरत नेट बल का परिमाण व उसकी दिशा लिखिए:
30 km h-1 के एकसमान वेग से ऊबड़-खाबड़ सड़क पर गतिशील कोई कार
Solution
30 km h-1 के एकसमान वेग से ऊबड़-खाबड़ सड़क पर पर चल रही है, इसका त्वरण शून्य है। इसलिए, न्यूटन के गति के प्रथम नियम के अनुसार, इस कार पर कार्यरत नेट बल शून्य है।
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- उपरिमुखी गति के समय।
- अधोमुखी गति के समय।
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पत्थर को स्थिर रेलगाड़ी की खिड़की से गिराने के तुरंत पश्चात्
उपर्युक्त स्थिति में वायु का प्रतिरोध उपेक्षणीय मानिए।
0.1 kg संहति के पत्थर पर कार्यरत नेट बल का परिमाण व उसकी दिशा निम्नलिखित परिस्थिति में ज्ञात कीजिए:
पत्थर को 36 km h-1 के एकसमान वेग से गतिशील किसी रेलगाड़ी की खिड़की से गिराने के तुरंत पश्चात्
उपर्युक्त स्थिति में वायु का प्रतिरोध उपेक्षणीय मानिए।
0.1 kg संहति के पत्थर पर कार्यरत नेट बल का परिमाण व उसकी दिशा निम्नलिखित परिस्थिति में ज्ञात कीजिए:
पत्थर को 1 ms-2 के त्वरण से गतिशील किसी रेलगाड़ी की खिड़की से गिराने के तुरंत पश्चात्
उपर्युक्त स्थिति में वायु का प्रतिरोध उपेक्षणीय मानिए।
0.1 kg संहति के पत्थर पर कार्यरत नेट बल का परिमाण व उसकी दिशा निम्नलिखित परिस्थिति में ज्ञात कीजिए:
पत्थर 1 ms-2 के त्वरण से गतिशील किसी रेलगाड़ी के फर्श पर पड़ा है तथा वह रेलगाड़ी के सापेक्ष विराम में है।
उपर्युक्त स्थिति में वायु का प्रतिरोध उपेक्षणीय मानिए।
स्पष्ट कीजिए कि क्यों:
किसी तीव्र गति से चल रही बस के यकायक रुकने पर यात्री आगे की ओर गिरते हैं।
किसी मेज पर एक-एक रुपये के दस सिक्कों को एक के ऊपर एक करके रखा गया है। प्रत्येके सिक्के की संहति m है। निम्नलिखित प्रत्येक स्थिति में बल का परिमाण एवं दिशा लिखिए:
- सातवें सिक्के (नीचे से गिनने पर) पर उसके ऊपर रखे सभी सिक्कों के कारण बल,
- सातवें सिक्के पर आठवें सिक्के द्वारा आरोपित बल, तथा
- छठे सिक्के की सातवें सिक्के पर प्रतिक्रिया।