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Question
निम्नलिखित प्रश्न के उत्तर लगभग 50-60 शब्दों में लिखिए:
'उषा' कविता के आधार पर बताइए कि कविता में भोर के नभ को राख से लीपा, गीला चौंका क्यों कहा गया है।
Short Answer
Solution
कवि शमशेर बहादुर सिंह ने भोर के आकाश की तुलना राख से लीपे गीले चौके से की है, क्योंकि सुबह का आकाश हल्की धुंध के कारण मटमैला और नमीयुक्त दिखाई देता है। यह दृश्य सुबह के प्राकृतिक वातावरण के अनुरूप होता है। इसी कारण कवि ने भोर के नभ को यह उपमा दी है।
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2021-2022 (April) Term 2 - Outside Delhi Set 1