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Question
निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए:
रुबाइयाँ पाठ में - “आँगन में ठुनक रहा है ज़िदयाया है, बालक तो हई चाँद पै ललचाया है” - में व्यक्त बालपन को रेखांकित करें।
Solution
रुबाइयाँ पाठ में प्रस्तुत पंक्ति “आँगन में ठुनक रहा है, ज़िदयाया है, बालक तो हई चाँद पै ललचाया है” में बालपन की स्वाभाविक विशेषताओं को दर्शाया गया है। जब बच्चे जिद पर आते हैं, तो वे अपनी इच्छाएँ पूरी करवाने के लिए ठुनकते हैं, पाँव पटकते हैं और रोते हैं। यह बालपन का स्वाभाविक व्यवहार है, जिसमें बच्चे किसी वस्तु को पाने की ज़िद में नाना प्रकार की हरकतें करते हैं। यहाँ बालक चाँद को पाने की इच्छा प्रकट कर रहा है, जो उसकी सरलता और मासूमियत को दर्शाती है। बच्चे का यह ठुनकना और पाँव पटकना बाल सुलभ जिद और मनोवृत्ति का प्रतीक है, जो उसकी स्वाभाविक प्रवृत्ति को रेखांकित करता है।