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Question
‘नवाबी नस्ल’ से आप क्या समझते हैं? ‘लखनवी अंदाज’ पाठ के संदर्भ में लिखिए।
Solution
‘लखनवी अंदाज’ पाठ के संदर्भ में नवाब साहब की शान, दिखावा, रईसी का प्रदर्शन, नवाबी ठसक, नजाकत आदि सभी लखनऊ के नवाबों जैसी है। लखनऊ के नवाबों और रईसों के बारे में लेखक की धारणा व्यंग्यपूर्ण थी उसने आरंभ में ही डिब्बे में बैठे सज्जन को ‘नवाबी नस्ल’ का सफेदपोश’ कहा है। जब नवाब साहब खीरे की नमक-मिर्च लगी फॉकों को खाने के स्थान पर सूँघकर खिड़की के बाहर फैंकते गए डकारें ली, तब भी लेखक ने नवाव साहब की नजाकत देखकर समझ लिया कि वह अपनी नवाबी का प्रदर्शन कर रहे हैं। नवाब साहब सांमंती वर्ग के प्रतीक हैं, जो आज भी अपनी झूठी शान बनाए रखना चाहते हैं।
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‘लखनवी अंदाज़’ शीर्षक की सार्थकता तर्क सहित सिद्ध कीजिए।
नवाब साहब की सनक नकारात्मक थी, किंतु हर सनक नकारात्मक नहीं होती। सोदाहरण सिद्ध कीजिए कि किस सनक को सकारात्मक कहा जा सकता है?
नवाब साहब ने खीरा न खाने का जो कारण बताया, क्या वह सही था? ‘लखनवी अंदाज़’ पाठ के आधार पर कारण सहित लिखिए।
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
क्या आपको नवाब साहब का व्यवहार सामान्य लगा? क्यों? युक्तियुक्त उत्तर दीजिए।
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -
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नवाब साहब ने खीरे का आनंद किस प्रकार उठाया?