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ओ चराचर! मत चूक अवसर - इस पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए। - Hindi (Core)

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Question

ओ चराचर! मत चूक अवसर - इस पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए।

Answer in Brief

Solution

यह पंक्ति अक्कमहादेवी अपने प्रथम वचन में उस समय कहती हैं जब वे अपने समस्त विकारों को शांत हो जाने के लिए। कह चुकी हैं। इसका आशय है कि इंद्रियों के सुख के लिए भाग-दौड़ बंद करने के पश्चात् ईश्वर प्राप्ति का मार्ग सरल हो जाता है। अतः चराचर (जड़-चेतन) को संबोधित कर कहती हैं कि तू इस मौके को मत खोना। विकारों की शांति के पश्चात् ईश्वर प्राप्ति का अवसर तुम्हारे हाथ में है, इसका सदुपयोग करो।

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हे भूख! मत मचल
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Chapter 2.08: हे भूख! मत मचल, हे मेरे जूही के फूल जैसे ईश्वर - अभ्यास [Page 172]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Aaroh Class 11
Chapter 2.08 हे भूख! मत मचल, हे मेरे जूही के फूल जैसे ईश्वर
अभ्यास | Q 2. | Page 172
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