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ऊँचाई के साथ जलवाष्प की मात्रा तेजी से क्यों घटती है? - Geography (भूगोल)

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Question

ऊँचाई के साथ जलवाष्प की मात्रा तेजी से क्यों घटती है?

Short Note

Solution

वायुमंडल में जलवाष्प की मात्रा वाष्पीकरण तथा संघनन से क्रमशः घटती-बढ़ती रहती है। हवा में मौजूद जलवाष्प को आर्द्रता कहते हैं। हवा के प्रति इकाई आयतन में विद्यमान जलवाष्प को ग्राम प्रतिघन मीटर के रूप में व्यक्त किया जाता है। हवा द्वारा जलवाष्प ग्रहण करने की क्षमता पूरी तरह से तापमान पर निर्भर होती है। ऊँचाई बढ़ने के साथ-साथ तापमान घटता जाता है अर्थात् 165 मीटर की ऊँचाई पर 1° सेंटीग्रेड तापमान घट जाता है। इसलिए ऊँचाई बढ़ने के साथ-साथ तापमान घटने पर जलवाष्प की मात्रा भी घटती जाती है।

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वाष्पीकरण तथा संघनन
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Chapter 11: वायुमंडल में जल - अभ्यास [Page 103]

APPEARS IN

NCERT Fundamentals of Physical Geography [Hindi]
Chapter 11 वायुमंडल में जल
अभ्यास | Q 2. (iii) | Page 103
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