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Question
पाठ में बताया गया है कि गांधी जी और उनके साथी आश्रम में रहते थे। घर और स्कूल के छात्रावास से गांधी जी का आश्रम किस तरह अलग था? कुछ वाक्यों में लिखो।
Solution
स्कूल के छात्रावास में छात्रों के रहने का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन होता है, उन्हें अन्य किसी कार्य की फिक्र नहीं रहती है। घर में परिवार के कुछ सीमित सदस्य साथ रहे केर जीवन-यापन करते हैं। परंतु गांधीजी के आश्रम में स्वतंत्रता सेनानी, देश तथा समाज के सेवक और उनके परिवार के कुछ सदस्य रह टे थे। आश्रम में ही उनका जीवन-यापन था और आटा पीसने से लेकर सब्जियाँ उगाने तक का काम वे आश्रम में किया करते थे। साथ ही आश्रम में रहकर वह देश की राजनीतिक हलचल पर अपनी निगाह रखते थे और स्वतंत्रता आंदोलन की योजना बनाकर उसकी दिशा तय करते थे।
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अगर मुझे इन चीज़ों को छूने भर से इतनी खुशी मिलती है, तो उनकी सुंदरता देखकर तो मेरा मन मुग्ध ही हो जाएगा।
- अगर मुझे इन चीज़ों को छूने भर से इतनी खुशी मिलती है, तो उनकी सुंदरता देखकर तो मेरा मन मुग्ध ही हो जाएगा। ऊपर रेखांकित संज्ञाएँ क्रमशः किसी भाव और किसी की विशेषता के बारे में बता रही हैं। ऐसी संज्ञाएँ भाववाचक कहलाती हैं। गुण और भाव के अलावा भाववाचक संज्ञाओं का संबंध किसी की दशा और किसी कार्य से भी होता है। भाववाचक संज्ञा की पहचान यह है कि इससे जुड़े शब्दों को हम सिर्फ महसूस कर सकते हैं, देख या छू नहीं सकते। आगे लिखी भाववाचक संज्ञाओं को पढ़ो और समझो। इनमें से कुछ शब्द संज्ञा और क्रिया से बने हैं। उन्हें भी पहचानकर लिखो-
मिठास |
भूख |
शांति |
भोलापन |
बुढ़ापा |
घबराहट |
बहाव |
फुर्ती |
ताज़गी |
क्रोध |
मज़दूरी |
अहसास |
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‘लोक’ शब्द में कुछ जोड़कर जितने शब्द तुम्हें सूझे, उनकी सूची बनाओ। इन शब्दों को ध्यान से देखो और समझो कि उनमें अर्थ की दृष्टि से क्या समानता है। इन शब्दों से वाक्य भी बनाओ, जैसे-लोककला।
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