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Question
परिणाम लिखिए :
कवि जिंदगी के सवालों में खो गए - ________________________
Solution
कवि जिंदगी के सवालों में खो गए - कवि जिंदगी के सवालों में खो गए तब ऐसा हुआ कि कवि के सवालों के जवाब उनके उजालों में खो गए।
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लिखिए :
परिंदों को यह शिकायत है - ________________________
लिखिए :
नदी के प्रति उत्तरदायित्व - ________________________
परिणाम लिखिए :
पानी सर से गुजर जाएगा तो - ________________________
‘क्रांति कभी भी अपने-आप नहीं आती; वह लाई जाती है’, इस कथन पर अपने विचार लिखिए।
कैलाश सेंगर जी की प्रसिद्ध रचनाओं के नाम - ________________________
निम्नलिखित प्रश्न का केवल एक वाक्य में उत्तर लिखिए:
ग़ज़ल इस भाषा का लोकप्रिय काव्य प्रकार है - ______
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
गजलों से खुशबू बिखराना हमको आता है। परिंदों को शिकायत है, कभी तो सुन मेरे मालिक। हम जिंदगी के चंद सवालों में खो गए। चट्टानी रातों को जुगनू से वह सँवारा करती है। |
(१) कृति पूर्ण कीजिए: (२)
(१) उत्तर लिखिए: (१)
- परिंदों को यह शिकायत है:
(२) परिणाम लिखिए: (१)
- हम जिंदगी के चंद सवालों में खो गए:
(२) उपर्युक्त पद्यांश में आए हुए हिंदी शब्दों के उर्दू शब्द लिखिए: (२)
- पक्षी - ______
- सपना - ______
- प्रश्न - ______
- उत्तर - ______
(३) ‘व्यक्ति को अपने जीवन में हमेशा कर्मरत रहना चाहिए’ इस कथन के संबंध में अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए। (२)
निम्नलिखित पठित काव्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
जब भी पानी किसी के सर से गुजर जाएगा। × × × × आँखों में बहुत बाढ़ है, शेष सब कुशल। × × × × सड़क ने जब मेरे पैरों की उँगलियाँ देखीं; × × × × साँस हमारी हमें पराये धन-सी लगती है, × × × × किसी का सर खुला है तो किसी के पाँव बाहर हैं, × × × × वह जो मजदूर मरा है, वह निरक्षर था मगर, |
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए: (2)
- पानी सर से गुजर जाने का अर्थ क्या है ?
- आँखों से आँसू बाढ़ की तरह क्यों बहते रहते हैं ?
- मजदूर रोज क्या लिखता था ?
- कवि को अपनी साँस कैसी लगती है?
2. निम्नलिखित शब्दों के वचन बदलकर लिखिए: (2)
- नदी - ______
- उँगलियाँ - ______
- किताब - ______
- आँखों - ______
3. निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर 40 से 50 शब्दों में लिखिए। (2)
'आकाश के तारे तोड़ लाना' - इस मुहावरे को अपने शब्दों में स्पष्ट कीजिए।
आम आदमी की पीड़ा को समझते हुए ‘चुनिंदा शेर’ कविता का रसास्वादन कीजिए।