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पेपर क्रोमेटोग्रैफी के सिद्धांत को समझाइए। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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Question

पेपर क्रोमेटोग्रैफी के सिद्धांत को समझाइए।

Answer in Brief

Solution

पेपर क्रोमेटोग्रैफी वितरण क्रोमेटोग्रैफी का एक प्रकार है। कागज अथवा पेपर क्रोमेटोग्रैफी में एक विशिष्ट प्रकार का क्रोमेटोग्रैफी पेपर प्रयोग किया जाता है। इस पेपर के छिद्रों में जल-अणु पाशित रहते हैं, जो स्थिर प्रावस्था का कार्य करते हैं। क्रोमेटोग्रैफी कागज की एक पट्टी (strip) के आधार पर मिश्रण का बिंदु लगाकर उसे जार में लटका देते हैं। जार में कुछ ऊँचाई तक उपयुक्त विलायक अथवा विलायकों का मिश्रण भरा होता है, जो गतिशील प्रावस्था का कार्य करता है। केशिका क्रिया के कारण पेपर की पट्टी पर विलायके ऊपर की ओर बढ़ता है तथा बिंदु पर प्रवाहित होता है। विभिन्न यौगिकों का दो प्रावस्थाओं में वितरण भिन्न-भिन्न होने के कारण वे अलग-अलग दूरियों तक आगे बढ़ते हैं। इस प्रकार विकसित पट्टी को ‘क्रोमेटोग्राम’ (chromatogram) कहते हैं। पतली पर्त की भाँति पेपर की पट्टी पर विभिन्न बिंदुओं की स्थितियों को या तो पराबैंगनी प्रकाश के नीचे रखकर या उपयुक्त अभिकर्मक के विलयन को छिड़ककर हम देख लेते हैं।

पेपर क्रोमेटोग्रैफी। दो भिन्न आकृतियों का क्रोमेटोग्रैफी पेपर

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कार्बनिक यौगिकों के शोधन की विधियाँ - वर्णलेखन (क्रोमेटोग्रैफी)
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Chapter 12: कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें - अभ्यास [Page 372]

APPEARS IN

NCERT Chemistry - Part 1 and 2 [Hindi] Class 11
Chapter 12 कार्बनिक रसायन : कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें
अभ्यास | Q 12.24 | Page 372
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