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पृथ्वी से दूर अतरिक्ष में जाने के लिए विशाल रकेटों का उपयोग करना पड़ता है । वे किस बल के विरुदूध कार्य करते हैं। - English (Second/Third Language)

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Question

पृथ्वी से दूर अतरिक्ष में जाने के लिए विशाल रकेटों का उपयोग करना पड़ता है । वे किस बल के विरुदूध कार्य करते हैं।

Short Note

Solution

पृथ्वी से अंतरिक्ष में जाने के लिए विशाल रॉकेटों का उपयोग करना पड़ता है, क्योंकि वे गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध कार्य करते हैं।

  1. गुरुत्वाकर्षण बल का प्रभाव: पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल हर वस्तु को अपनी ओर खींचता है। रॉकेट को पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल को पार करने के लिए अत्यधिक ऊर्जा और वेग की आवश्यकता होती है। इसे प्रक्षेपण वेग कहते हैं, जो पृथ्वी पर लगभग ११.२ किमी/सेकंड है।
  2. रॉकेट का कार्य: रॉकेट अपने ईंधन को जलाकर प्रेरक बल उत्पन्न करता है। यह जोर गुरुत्वाकर्षण बल के विपरीत दिशा में होता है, जिससे रॉकेट पृथ्वी से ऊपर उठता है और अंततः अंतरिक्ष में पहुँचता है।

विशाल रॉकेट पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल के विरुद्ध कार्य करते हैं। उनकी ऊर्जा और गति पृथ्वी की प्रक्षेपण वेग से अधिक होनी चाहिए।

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Chapter 7.3: ज्वार-भाटा - थोड़ा विचार करो [Page 186]

APPEARS IN

Balbharati Integrated 7 Standard Part 1 [Hindi Medium] Maharashtra State Board
Chapter 7.3 ज्वार-भाटा
थोड़ा विचार करो | Q १. | Page 186
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