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Question
पर्यावरण संबंधित कुछ सामाजिक परिवर्तनों के बारे में बताइए।
Answer in Brief
Solution
- प्रकृति, पारिस्थितिकी तथा भौतिक पर्यावरण को समाज की संरचना तथा स्वरूप पर महत्वपूर्ण प्रभाव हमेशा से रहा है।
- विगत समय के संदर्भ में यह विशेष रूप से सही है। जब मनुष्य प्रकृति के प्रभावों को सोचने अथवा झेलने में अक्षम था। उदाहरण के लिए, मरुस्थलीय वातावरण में रहने वाले लोगों के लिए एक स्थान पर रहकर कृषि करना संभव नहीं था, जैसे, मैदानी भागों अथवा नदियों के किनारे इत्यादि। अतः जिस प्रकार का भोजन वे करते थे अथवा कपड़े पहनते थे, जिस प्रकार आजीविका चलाते थे तथा सामाजिक अन्योन्यक्रिया ये सब काफ़ी हद तक उनके पर्यावरण के भौतिक तथा जलवायु की स्थितियों से निर्धारित होता है।
- त्वरित तथा विध्वंसकारी घटनाएँ; जैसे - भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट, बाढ़ अथवा ज्वारभाटीय तरंगें (जैसा कि दिसंबर 2004 में सुनामी की तरंगों से इंडोनेशिया, श्रीलंका, अंडमान द्वीप, तमिलनाडु के कुछ भाग इसकी चपेट में आए) समाज को पूर्णरूपेण बदलकर रख देते हैं। ये बदलाव अपरिवर्तनीय होते हैं, अर्थात् ये स्थायी होते हैं तथा चीजों को वापस अपनी पूर्वस्थिति में नहीं आने देते।
- प्राकृतिक विपदाओं के अनेकानेक उदाहरण इतिहास में देखने को मिल जाएँगे, जो समाज को पूर्णरूपेण परिवर्तित कर देते हैं अथवा पूर्णतः नष्ट कर देते हैं। परिवर्तन लाभ के लिए पर्यावरणीय या पारिस्थितिकीय कारकों का न केवल विनाशकारी होना अनिवार्य है, अपितु उसे सृजनात्मक भी होना अनिवार्य है।
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सामाजिक परिवर्तन
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