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Question
रचनात्मक संगठन तथा सममिती इनमें क्या अंतर है? उदाहरण के साथ स्पष्ट करिए ?
Answer in Brief
Solution
- रचनात्मक संगठन का अर्थ है "कोशिका, ऊतक, विभिन्न अंग, अवयव और संस्थान, इत्यादि विभिन्न प्रकार की शारीरिक रचना।"इन सभी शारीरिक रचना के आधार पर वर्गीकरण किया जाता है। सभी प्राणी कोशिका से ही निर्मित होते हैं।अमिबा जैसे एक कोशिकीय सजीव अपने सभी प्रकार के कार्य एक ही कोशिका द्वारा करते हैं। इस प्रकार एक कोशिकीय प्राणियों के शरीर का संगठन 'जीवद्रव्य-स्तर' प्रकार का होता है।
- बहुकोशिकीय प्राणियों के शरीर में अनेक कोशिकाएँ होती हैं। (उदा., रंध्रीय/छिद्रधारी प्राणी) कुछ प्राणियों के शरीर में समान कार्य करनेवाली कोशिकाओं का समूह अर्थात ऊतक होते हैं। (उदा., सिलेंटरेटा/निडारिया प्राणी)
इसी प्रकार कुछ प्राणियों के शरीर में विकास होने पर अंग निर्मित होते हैं। तत्पश्चात उनके शरीर में अंगसंस्थान निर्मित होते हैं। (उदा., चपटे कृमि संघवाले प्राणी और उनसे उत्क्रांति हुए प्राणीसंघ)। उत्क्रांति प्रक्रिया में इस प्रकार के धीरे-धीरे परिवर्तन होने से विभिन्न प्राणियों के संघ में जटिल रचनात्मक संगठन का प्रवेश होता गया। - सममित प्राणी की शरीर रचना का आधार दर्शाती है। प्राणियों का वर्गीकरण करते समय सममित भी एक मुद्दा होती है। किसी भी प्राणी की सममित निर्धारित करने के लिए उस प्राणी के शरीर से विशिष्ट अक्ष लेकर एक काल्पनिक रेखा खींची जाती है। सममित के आधार पर प्राणी की शरीर रचना के विभिन्न समूह बन जाते हैं। उदाहरण के लिए असममितीय शरीर रचना (उदा. रंध्रीय/छिद्रधारी प्राणी), अरीय सममिति शरीर रचना के प्राणी (उदा., निडारिया, काँटेदार त्वचावाले प्राणियों का संघ) तथा द्विपार्श्व सममिति शरीर रचना के प्राणी (उदा., अन्य सभी प्राणी संघ)
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प्राणी जगत में वर्गीकरण की नई पद्धति : उपयोगी आधारभूत मुद्दे
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