English

रजा ने अकोला में ड्राइंग अध्यापक की नौकरी की पेशकश क्यों नहीं स्वीकार की? - Hindi (Core)

Advertisements
Advertisements

Question

रजा ने अकोला में ड्राइंग अध्यापक की नौकरी की पेशकश क्यों नहीं स्वीकार की?

Answer in Brief

Solution

लेखक को मध्य प्रांत की सरकार की तरफ से बंबई के जे.जे. स्कूल ऑफ आट्र्स में दाखिला लेने के लिए छात्रवृत्ति मिली। जब वे अमरावती के गवर्नमेंट नार्मल स्कूल से त्यागपत्र देकर बंबई पहुँचा तो दाखिले बंद हो चुके थे। सरकार ने छात्रवृत्ति वापस ले ली तथा उन्हें अकोला में ड्राइंग अध्यापक की नौकरी देने की पेशकश की। लेखक ने यह पेशकश स्वीकार नहीं की, क्योंकि उन्होंने बंबई शहर में रहकर अध्ययन करने का निश्चय कर लिया था। उन्हें यहाँ का वातावरण, गैलरियाँ व मित्र पसंद आ गए। चित्रकारी की गहराई को जानने-समझने के लिए बंबई (अब मुंबई) अच्छी जगह थी। चित्रकारी सीखने की इच्छा के कारण उन्होंने इस पेशकश को अस्वीकार कर दिया।

shaalaa.com
आत्मा का ताप
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 1.1: आत्मा का ताप - अभ्यास [Page 125]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Aaroh Class 11
Chapter 1.1 आत्मा का ताप
अभ्यास | Q 1 | Page 125

RELATED QUESTIONS

बंबई में रहकर कला के अध्ययन के लिए रज़ा ने क्या-क्या संघर्ष किए?


भले ही 1947 और 1948 में महत्वपूर्ण घटनाएँ घटी हों, मेरे लिए वे कठिन बरस थे-रजा ने ऐसा क्यों कहा?


रजा के पसंदीदा फ्रेंच कलाकार कौन थे?


तुम्हारे चित्रों में रंग है, भावना है, लेकिन रचना नहीं है। तुम्हें मालूम होना चाहिए कि चित्र इमारत की ही तरह बनाया जाता है - आधार, नींव, दीवारें, बीम, छत और तब जाकर वह टिकता है - यह बात

(क) किसने, किस संदर्भ में कही?

(ख) रज़ा पर इसका क्या प्रभाव पड़ा?


रज़ा को जलील साहब जैसे लोगों का सहारा न मिला होता तो क्या तब भी वे एक जाने-माने चित्रकार होते? तर्क सहित लिखिए।


चित्रकला व्यवसाय नहीं, अंतरात्मा की पुकार हैं-इस कथन के आलोक में कला के वर्तमान और भविष्य पर विचार कीजिए।


हमें लगता था कि हम पहाड़ हिला सकते हैं - आप किन क्षणों में ऐसा सोचते हैं?


राजा रवि वर्मा, मकबूल फिदा हुसैन, अमृता शेरगिल के प्रसिदध चित्रों का एक अलबम बनाइए। 


"जब तक मैं बंबई पहुँचा, तब तक जे जे. स्कूल में दाखिला बंद हो चुका था" - इस वाक्य को हम दूसरे तरीके से भी कह सकते हैं। "मेरे बंबई पहुँचने से पहले जे जे स्कूल में दाखिला बद हो चुका था।"  नीचे दिए गए वाक्य को दूसरे तरीके से लिखिए -

जब तक मैं प्लेटफ़ॉर्म पहुँचती तब तक गाड़ी जा चुकी थी।


"जब तक मैं बंबई पहुँचा, तब तक जे जे. स्कूल में दाखिला बंद हो चुका था" - इस वाक्य को हम दूसरे तरीके से भी कह सकते हैं। "मेरे बंबई पहुँचने से पहले जे जे स्कूल में दाखिला बद हो चुका था।"  नीचे दिए गए वाक्य को दूसरे तरीके से लिखिए -

जब तक डॉक्टर हवेली पहुँचता तब तक सेठ जी की मृत्यु हो चुकी थी।


"जब तक मैं बंबई पहुँचा, तब तक जे जे. स्कूल में दाखिला बंद हो चुका था" - इस वाक्य को हम दूसरे तरीके से भी कह सकते हैं। "मेरे बंबई पहुँचने से पहले जे जे स्कूल में दाखिला बद हो चुका था।" नीचे दिए गए वाक्य को दूसरे तरीके से लिखिए -

जब तक रोहित दरवाज़ा बंद करता तब तक उसके साथी होली का रंग लेकर अंदर आ चुके थे।


"जब तक मैं बंबई पहुँचा, तब तक जे जे. स्कूल में दाखिला बंद हो चुका था" - इस वाक्य को हम दूसरे तरीके से भी कह सकते हैं। "मेरे बंबई पहुँचने से पहले जे जे स्कूल में दाखिला बद हो चुका था।" नीचे दिए गए वाक्य को दूसरे तरीके से लिखिए -

जब तक रुचि कैनवास हटाती तब तक बारिश शुरू हो चुकी थी।


‘आत्मा का ताप’ पाठ में कई शब्द ऐसे आए हैं जिनमें ऑ का इस्तेमाल हुआ है, जैसे-ऑफ, ब्लॉक, नॉर्मल।  नीचे दिए गए शब्दों में यदि ऑ का इस्तेमाल किया जाए तो शब्द के अर्थ में क्या परिवर्तन आएगा? दोनों शब्दों का वाक्य-प्रयोग करते हुए अर्थ के अंतर को स्पष्ट कीजिए -
हाल, काफ़ी, बाल


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×