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Question
रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा रचित हमारा राष्ट्रगान भी भारतीय एकता की ही एक अभिव्यक्ति है। राष्ट्रगान किस तरह से एकता का वर्णन करता है, इसे अपने शब्दों में लिखिए।
Solution
हमारा राष्ट्रगान भारतीय एकता व प्रभुसत्ता की अभिव्यक्ति है। राष्ट्रगान को हमारे देश के विभिन्न भागों में पूरे सम्मान के साथ गाया जाता है। देश के किसी भाग में राष्ट्रीय त्योहार मनाया जाता है तो राष्ट्रगान को सम्मानपूर्वक गाया जाता है।
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जलियाँवाला बाग हत्याकांड के ऊपर लिखे गए गाने की उस पंक्ति को चुनिए जो आपके अनुसार भारत की एकता को निश्चित रूप से झलकाती है।
लद्दाख एवं केरल की तरह भारत का कोई एक क्षेत्र चुनिए और अध्ययन कीजिए कि कैसे उस क्षेत्र की विविधता को ऐतिहासिक और भौगोलिक कारकों ने प्रभावित किया है। क्या ये ऐतिहासिक एवं भौगोलिक कारक आपस में जुड़े हुए हैं? कैसे?
समीर एक और समीर दो में कोई तीन अंतर लिखिए।
सूची बनाइए कि आपने भारत के अलग-अलग प्रांतों के कौन-कौन से व्यंजन खाए हैं।
क्या आप सोचती हैं कि आपको ऐसी जगह में रहने में मजा आएगा? उन पाँच चीजों की सूची बनाइए जिनकी कमी ऐसी जगह में सबसे ज्यादा खलेगी।
एटलस में भारत का नक्शा देखिए और उसमें ढूंढ़िए कि ये दोनों क्षेत्र-लद्दाख तथा केरल कहाँ पर हैं। इन दोनों क्षेत्रों की भौगोलिक स्थितियाँ वहाँ के भोजन, कपड़े और व्यवसाय/पेशे को कैसे प्रभावित करती हैं? उनकी सूची बनाइए।
अपनी मातृभाषा के अलावा उन भाषाओं की सूची बनाइए जिनके आप कुछ शब्द भी जानती हैं।
भारत के लोग विविध तरीकों से नीचे लिखे काम करते हैं। यहाँ उसमें से एक तरीका बताया गया है। दो और तरीके लिखिए।
प्रार्थना/ इबादत करना | भक्ति गीत गाना | - | - |
शादी करना | - | अदालत के रजिस्टर में दस्तखत करना | - |
विभिन्न प्रकार के कपडे पहनना | - | - | मणिपुर में औरतों का फैशन पहनना |
अभिवादन करना | - | झारखंड के आदिवासियों का एक - दूसरे को जोहर करना | - |
चावल पकाना | मिट या सब्जी डालकर बिरयानी पकाना | - | - |
कविता
दिन खून के हमारे , प्यारे न भूल जाना खुशियों में अपनी हम पर , आँसू बहा के जाना
सैयद् ने हमारे , चुन - चुन के फूल तोड़
विरार इस चमन में , कोई गुल खिला के जाना दिन खून के हमारे......
गोली खा के सोये , जलीया बाग में हम
सुनी पड़ी कब्र पर , दिया जला के जाना
दिन खून के हमारे......
हिन्दू और मुस्लिम की, होती है आज होली बहते है एक रंग में , दामन भिगो के जान
दिन खून के हमारे......
कुछ जेल में पड़े है, कुछ कब्र में गड़े है दो बूँद आँसू उनपर, प्यार बहा के जाना
दिन खून के हमारे......
- भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा)
आपके अनुसार उपरोक्त कविता की किन पंक्तियों में भारत की एकता की झलक मिलती है।