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सांद्रता के साथ चालकता तथा मोलर चालकता में परिवर्तन की विवेचना कीजिए। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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Question

सांद्रता के साथ चालकता तथा मोलर चालकता में परिवर्तन की विवेचना कीजिए।

Long Answer

Solution

विद्युत-अपघट्य की सांद्रता में परिवर्तन के साथ-साथ चालकता एवं मोलर चालकता दोनों में परिवर्तन होता है। दुर्बल एवं प्रबल दोनों प्रकार के विद्युत-अपघट्यों की सांद्रता घटाने पर चालकता सदैव घटती है। इसकी इस तथ्य से व्याख्या की जा सकती है कि तनुकरण (dilution) करने पर प्रति इकाई आयतन में विद्युत धारा ले जाने वाले आयनों की संख्या घट जाती है। किसी भी सांद्रता पर विलयन की चालकता उस विलयन के इकाई आयतन का चालकत्व होता है जिसे परस्पर इकाई दूरी पर स्थित एवं इकाई अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल वाले दो प्लैटिनम इलेक्ट्रोडों के मध्य रखा गया हो।

यह निम्नलिखित समीकरण से स्पष्ट है –

C = `"κA"/"l"` = κ  ....(A एवं । दोनों ही उपयुक्त इकाइयों m या cm में हैं)

किसी दी गई सांद्रता पर एक विलयन की मोलर चालकता उस विलयन के V आयतन का चालकत्व है जिसमें विद्युत-अपघट्य का एक मोल घुला हो तथा जो एक-दूसरे से इकाई दूरी पर स्थित, A अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल वाले दो इलेक्ट्रोडों के मध्य रखा गया हो। अतः

जलीय विलयन में पोटैशियम क्लोराइड (प्रबल वैद्युत-अपघट्य) के लिए मोलर चालकता के विपरीत c1/2 का आलेख।

m = `"κA"/"l"` = κ

चूँकि l = 1 एवं A = V (आयतन, जिसमें विद्युत अपघट्य का एक मोल घुला है।)

m = κ V

सांद्रता घटने के साथ मोलर चालकता बढ़ती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वह कुल आयतन (V) भी बढ़ जाता है जिसमें एक मोल विद्युत अपघट्य उपस्थित होता है। यह पाया गया है कि विलयन के तनुकरण पर आयतन में वृद्धि κ में होने वाली कमी की तुलना में कहीं अधिक होती है।

प्रबल विद्युत-अपघट्य (Strong Electrolytes): प्रबल विद्युत अपघट्यों के लिए ∧m का मान तनुता के साथ धीरे-धीरे बढ़ता है एवं इसे निम्नलिखित समीकरण द्वारा निरूपित किया जा सकता है –
m = `∧_"m"^0 - "Ac"^(1//2)`

यह देखा जा सकता है कि यदि ∧m को c1/2 के विपरीत आरेखित किया जाए तो हमें एक सीधी रेखा प्राप्त होती है जिसका अंत: खंड A एवं ढाल ‘A’ के बराबर है। दिए गए विलायक एवं ताप पर स्थिरांक ‘A का मान विद्युत-अपघट्य के प्रकार अर्थात् विलयन में विद्युत-अपघट्य के वियोजन से उत्पन्न धनायन एवं ऋणायन के आवेशों पर निर्भर करता है। अत: \[\ce{NaCl, CaCl2, MgSO4}\] क्रमशः 1-1, 2-1 एवं 2-2 विद्युत-अपघट्य के रूप में जाने जाते हैं। एक प्रकार के सभी विद्युत-अपघट्यों के लिए ‘A’ का मान समान होता है।

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वैद्युत अपघटनी विलयनों का चालकत्व - सांद्रता के साथ चालकता एवं मोलर चालकता में परिवर्तन
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