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Question
सेवानिवृत्त साझेदारों को भुगतान करने के विर्भिन्न विधियों को समझाइए।
Solution
सेवानिवृति साझेदार के खातों का निपटारा साझेदारी समझौते में दी गई शर्तों के अनुसार, जैसे कि एकमुश्त भुगतान या ब्याज सहित या ब्याज रहित जैसे भी स्वीकृत हो विभिन्न किश्तों द्वारा भिन्न-भिन्न अंतरालों भुगतान या कुछ भुगतान नकद में तुरंत और कुछ किश्तों द्वारा जैसे भी स्वीकृत हो, किया जाता है। किसी साझेदारी समझौते के अभाव में, भारतीय साझेदारी अधिनियम 1932 की धारा 37 लागू होगी, जो की यह तय करती है कि जाने वाले साझेदार के पास एक विकल्प होगा, जिसके अनुसार वह या तो 6% प्रतिवर्ष की दर से भुगतान की तिथि तक या इस प्रकार लाभ का भाग जो उसने अपनी पूँजी से उपार्जित किया है (पूँजी अनुपात आधारित) प्राप्त करने का अधिकारी है। इसलिए सेवानिवृत्त साझेदार को कुल देय राशि का निर्धारण, जो की सभी समायोजन करने के पश्चात किया गया है, का भुगतान तुरंत किया जाएगा। यदि फर्म तुरंत भुगतान करने की स्थिति में नहीं है तो इस स्थिति में, सेवानिवृत्त साझेदार को देय कुल राशि को उसके ऋण खाते में हस्तांतरित कर दिया जाएगा और जैसे ही राशि का भुगतान किया जाएगा, यह उसके खाते में नाम किया जाएगा।
आवश्यक समायोजन प्रविष्टियाँ निम्न है:
1. जब सेवानिवृत्त साझेदार को पूर्ण भुगतान रोकड़ में किया जाता है।
सेवानिवृत्त साझेदार का पूँजी खाता ...नाम |
रोकड़/बैंक खाते से |
2. जब सेवानिवृत्त साझेदार की समस्त राशि को ऋण माना जाता है।
सेवानिवृत्त साझेदार का पूँजी खाता ...नाम |
सेवानिवृत्त साझेदार के ऋण खाते से |
3. जब सेवानिवृत्त साझेदार को आंशिक रूप से रोकड़ भुगतान किया जाता है तथा शेष राशि को ऋण माना जाता है।
सेवानिवृत्त साझेदार का पूँजी खाता ...नाम (कुल देय राशि) |
रोकड़/बैंक खाते से (भुगतान की राशि) |
सेवानिवृत्त साझेदार के ऋण खाते से (ऋण की राशि) |
4. जब ऋण खाते का निपटारा किश्तों में मूल राशि में ब्याज सहित भुगतान किया जाता है।
(अ) ऋण पर ब्याज के लिए -
ऋण पर ब्याज के लिए ब्याज खाता ...नाम |
सेवानिवृत्त साझेदार के ऋण खाते से |
(ब) किश्त के भुगतान पर -
सेवानिवृत्त साझेदार के ऋण खाता ...नाम |
रोकड़/बैंक खाते से |
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नित्य, सत्य, तथा मिथ्य साझेदार हैं जिनका लाभ व हानि विभाजन अनुपात 5: 3: 2 है। 31 मार्च, 2020 को उनका तुलन पत्र इस प्रकार है-
नित्य, सत्य और मिथ्य की पुस्तके |
||||
दायित्व |
|
राशि (रु.) | परिसंपन्तियाँ | राशि (रु.) |
लेनदार | 14,000 | विनियोग | 10,000 | |
सामान्य संचय | 6,000 | फ़र्नीचर | 5,000 | |
पूँजी: | परिसर | 20,000 | ||
नित्य | 30,000 | 80,000 | पेटेंट | 6,000 |
सत्य | 30,000 | मशीनरी | 30,000 | |
मिथ्य | 20,000 | स्टॉक | 13,000 | |
देनदार | 8,000 | |||
बैंक | 8,000 | |||
1,00,000 | 1,00,000 |
01 मई, 2017 को मिथ्य की मृत्यु होती है। साझेदारों तथा मिथ्य के उत्तराधिकारी के बीच में समझौता इस प्रकार है:
(अ) फर्म की ख्याति का मूल्यांकन चार वर्ष के औसत लाभ के `2 1/2` गुणें के बराबर होगा। चार वर्ष का लाभ है :
2017 में 13,000 रुपये, 2018 में 12,000 रुपये, 2019 में 16,000 रूपये तथा 2020 में 15,000 रुपये
(ब) पेटेंट का मूल्यांकन 8,000 रूपये, मशीनरी 25,000 रूपये तथा परिसर 25,000 रुपये हुआ।
(स) मिथ्य के हिस्से के लाभ की गणना वर्ष 2017 के लाभ के आधार पर होगी।
(य) 4,200 रूपये का तुरंत भुगतान किया जाएगा तथा शेष राशि को 4 बराबर अर्ध-वार्षिक किश्तों में 10% की दर से ब्याज सहित किया जाएगा। ऊपरलिखित के प्रभाव को दर्शाते हुए आवश्यक रोज़नामचा प्रविष्टियों का अभिलेखन करें तथा उतराधिकारी के खाते को दर्शाइये जब तक उसका पूर्ण भुगतान न हो। 31 मार्च, 2020 को समायोजनों के प्रभाव के पश्चात, नित्य तथा सत्य का तुलन पत्र तैयार करें।