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Question
सच्चाई में ही सफलता निहित है।
Solution
माता जी और पिता जी कहते हैं कि झूठ बोलना पाप है। यदि हम झूठ बोलकर अपना कोई काम बना लेते हैं, तो यह गलत बात है। इसके अलावा हमारी सच्चाई का पता चलने पर हमारा बना बनाया काम बिगड़ सकता है। हमारे दोस्तों का यकीन हम खो देंगे और हम अंतत: असफल हो जाएँगे। इसके विपरीत यदि हम सच्चाई के साथ अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ते रहेंगे, तो हम अवश्य एक दिन सफल होंगे। हमें हर परिस्थिति में सच्चाई का दामन नहीं छोड़ना चाहिए।
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दिए गए मुद्दों के आधार पर कहानी लिखो :
गॉंव में मेला देखने वालों की भीड़ | → | सड़क पर प्रवेश द्वार के बीचोंबीच बड़ा-सा पत्थर | → | पत्थर से टकराकर छोटे-बड़ों का गिरना-पड़ना। | → | बहुत देर से लड़के का देखना |
लड़के द्वारा पत्थर हटाना, उसके नीचे चिट्ठी पाना | → | चिट्ठी में लिखा था ........? | → | पुरस्कार पाना। | → | सीख और शीर्षक |
नीचे दिए गए नोबल पुरस्कार प्राप्त विभूति के चित्र चिपकाओ। उन्हें यह पुरस्कार किस लिए प्राप्त हुआ है, बताओ।
१. गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर | २. सर चंद्रशेखर वेंकटरमन | ३. डॉ. हरगोबिंद खुराना | ४. मदर टेरेसा |
५. सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर | ६. अमर्त्यकुमार सेन | ७. वेंकटरमन रामकृष्णन | ८. कैलास सत्यार्थी |
।। जननी-जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी ।।
अपने परिवार का वंश वृक्ष तैयार करो और रिश्ते-नातों के नाम लिखो।
किसी एक संस्मरणीय घटना का वर्णन करो।
क्रमानुसार भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के नाम लिखो।
मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:
आपके विद्यालय की सैर का वर्णन करने वाला पत्र अपनी सहेली/अपने मित्र को लिखिए: (पत्र निम्न प्रारूप में हो।)