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‘समाज का नवनिर्माण और विकास नर-नारी के सहयोग सेही संभव है’, इसपर अपने विचार लिखिए । - Hindi

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Question

‘समाज का नवनिर्माण और विकास नर-नारी के सहयोग सेही संभव है’, इसपर अपने विचार लिखिए ।

Short Note

Solution

हमारा समाज विभिन्न प्रकार की कुरीतियों और समस्याओं से भरा हुआ है। अनेक समाज सुधारकों के कठिन परिश्रम के बावजूद आज भी हमारे समाज में अनेक प्रकार की विषमताएँ व्याप्त हैं। असमानता, जातीयता, सांप्रदायिकता, प्रांतीयता, अस्पृश्यता आदि समस्याओं के कारण समाज के नर-नारी दोनों समान रूप से व्यथित हैं। जब तक हमारे समाज से ये बुराइयाँ दूर नहीं होती, तब तक समाज का नव निर्माण और विकास होना असंभव है। नर-नारी दोनों रथ के दो पहियों के समान हैं। बिना दोनों के सहयोग से आगे बढ़ना मुश्किल है। समाज की अनेक समस्याएँ ऐसी हैं, जिनके बारे में नारी को नर से अधिक जानकारियाँ होती हैं। नर-नारी दोनों कंधे से कंधा मिलाकर समाज उत्थान के कार्य में जुटेंगे, तभी समाज का नव निर्माण और विकास संभव हो सकता है।

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नवनिर्माण
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Chapter 1: नवनिर्माण - अभिव्यक्त [Page 3]

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Balbharati Hindi - Yuvakbharati 12 Standard HSC Maharashtra State Board
Chapter 1 नवनिर्माण
अभिव्यक्त | Q 2 | Page 3
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