English
Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 6th Standard

संत तुकाराम के अभंग पढ़ाे और गाओ। - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

Advertisements
Advertisements

Question

संत तुकाराम के अभंग पढ़ाे और गाओ।

Short Note

Solution

१. समचरण दृष्टि विटेवरी साजिरी। तेथें माझी हरी वृत्ति राहो।।
आणिक न लगे मायिक पदार्थ। तेथें माझें अति नको देवा।।
ब्रम्हादिक पदें दु:खाची शिराणी। तेथें दुश्चित झणी जडों देसी।।
तुका म्हणे त्याचें कळलें आम्हां वर्म। जे जे कर्म धर्म नाशवंत।।

२. सुंदर तें ध्यान उभे विटेवरी। कर कटावरी ठेवूनियां।।
तुळसीचे हार गळा कासे पितांबर। आवडे निरंतर तें चि रूप।।
मकरकुंडलें तळपती श्रवणीं। कंठी कौस्तुभमणि विराजित।।
तुका म्हणे माझें हें चि सर्व सुख। पाहीन श्रीमुख आवडीनें।।

shaalaa.com
उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 1.06: मेरा अहोभाग्य - मेरा अहोभाग्य [Page 17]

APPEARS IN

Balbharati Hindi - Sulabhbharati 6 Standard Maharashtra State Board
Chapter 1.06 मेरा अहोभाग्य
मेरा अहोभाग्य | Q (६) | Page 17
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×