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'सबसे कोई पेशाब के लिए उसमें घुसता तो दूसरा उसमें घुसने के लिए बाहर खड़ा रहता। टट्टी के लिए बाहर जाना पड़ता था लेकिन वहाँ भी चैन से कोई टट्टी नहीं कर सकता था - Hindi (Core)

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Question

'सबसे कोई पेशाब के लिए उसमें घुसता तो दूसरा उसमें घुसने के लिए बाहर खड़ा रहता। टट्टी के लिए बाहर जाना पड़ता था लेकिन वहाँ भी चैन से कोई टट्टी नहीं कर सकता था क्योंकि सुअर पीछे से आकर तंग करना शरू कर देते। लड़के-लड़कियाँ, बड़े-बूढ़े सभी हाथ में पानी की बोतल ले टट्टी के लिए बाहर जाते। अब वे कहाँ बोतल संभालें या सुअर भगाएँ! मुझे तो यह देख-सुनकर बहुत खराब लगता' - अनुवाद के नाम पर मात्र अंग्रेज़ी से होने वाले अनुवादों के बीच भारतीय भाषाओं में रची-बसी हिंदी का यह एक अनुकरणीय नमूना है - उपर्युक्त पंक्तियों को ध्यान में रखते हुए बताइए कि इस कथन से आप कहाँ तक सहमत हैं।

Answer in Brief

Solution

इस पाठ का अनुवाद करते हुए अनुवादक ने बहुत ध्यान रखा है। उसने कहीं भी अंग्रेज़ी शब्दों का यूहीं प्रयोग नहीं किया है। उसने हिन्दी पाठकों की रुचि को ध्यान में रखा है और तभी अनुवाद किया है। ऐसा अनुवाद आज बहुत कम देखने को मिलता है। इन पंक्तियों में लेखक ने जो चित्र उकेरा है, उससे पता चल जाता है कि हिन्दी शब्दों के प्रयोग ने घटना को सजीव कर दिया है। उस घटना का चित्र हमारी आँखों में आने लगता है। पाठ को पढ़ने के बाद तथा प्रश्न में दी गई पंक्तियों को पढ़ने के बाद हम इस कथन से सहमत है।

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आलो आंधारि
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Chapter 3: आलो-आँधारि - अभ्यास [Page 58]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vitan Class 11
Chapter 3 आलो-आँधारि
अभ्यास | Q 7. | Page 58

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