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'श्रम-विभाजन और जाति-प्रथा' पाठ के आधार पर बताइए कि मनुष्य का पेशा बदलने की स्वतंत्रता न होने से क्या परिणाम होता है? - Hindi (Core)

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Question

'श्रम-विभाजन और जाति-प्रथा' पाठ के आधार पर बताइए कि मनुष्य का पेशा बदलने की स्वतंत्रता न होने से क्या परिणाम होता है?

Answer in Brief

Solution

पेशा बदलने की स्वतंत्रता न होने के परिणाम:

  1. भुखमरी और गरीबी: अनुपयुक्त या अपर्याप्त पेशे के कारण व्यक्ति भूखमरी और आर्थिक तंगी का शिकार हो सकता है।
  2. विकास का अभाव: व्यक्ति की क्षमताएँ और प्रतिभा दब जाती हैं, जिससे समाज और देश का विकास रुक जाता है।
  3. असंतोष और कुंठा: व्यक्ति को जब अपनी रुचि के अनुसार काम करने की आजादी नहीं मिलती, तो वह मानसिक तनाव और असंतोष का शिकार हो जाता है।
  4. सामाजिक असमानता: जाति-प्रथा के कारण पेशे का पूर्वनिर्धारण व्यक्ति को एक ही पेशे में बाँध देता है, जिससे समाज में असमानता और अन्याय बढ़ता है।
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