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समाज में बढ़ता हिंसाचार मानवी सुरक्षा के लिए खतरा निर्माण करता है। हिंसाचार न बढ़े इसलिए सभी स्तरों पर शांति प्रक्रिया निर्माण कैसे की जा सकेगी? - History and Political Science [इतिहास और राजनीति शास्त्र]

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Question

समाज में बढ़ता हिंसाचार मानवी सुरक्षा के लिए खतरा निर्माण करता है। हिंसाचार न बढ़े इसलिए सभी स्तरों पर शांति प्रक्रिया निर्माण कैसे की जा सकेगी?

Answer in Brief

Solution

समाज में हिंसा न बढ़े इसके लिए हर स्तर पर शांति प्रक्रियाएँ इस प्रकार बनाई जा सकती हैं।

  1. व्यक्तिगत स्तर: समाज की एक इकाई के रूप में व्यक्ति को अपने व्यक्तित्व में नैतिकता और मूल्यों को विकसित करने का प्रयास करना चाहिए ताकि समाज में कोई अराजकता न हो। जैसे व्यक्ति को समाज में दूसरों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए और गलत कार्य का समर्थन न करते हुए सही के लिए प्रयास करना चाहिए। समाज की शांति भंग करने वाली चीजों के खिलाफ तुरंत आवाज उठानी चाहिए।
  2. पारिवारिक स्तर: परिवार में सभी को मोबाइल, कंप्यूटर पर हिंसक गेम खेलने से बचना चाहिए, क्योंकि मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार ये गेम खेलने से व्यक्ति में हिंसक प्रवृत्ति विकसित हो सकती है। इसके लिए घर के बच्चे में साहसिक और रचनात्मक खेलों के प्रति प्रेम पैदा करने का प्रयास करें।
  3. सामाजिक स्तर: सबसे पहले अपने पड़ोसियों और स्थानीय लोगों के साथ शांतिपूर्ण और सहयोगात्मक संबंध बनाने का प्रयास करें। अच्छी सोच वाले लोगों को एकजुट होकर समूह बनाकर समाज में हो रही हिंसा का विरोध कर एकजुट समाज का निर्माण करना चाहिए। इन समूहों के माध्यम से हिंसा के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाने और लोगों को हिंसा से हतोत्साहित करने के लिए नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए जाने चाहिए।
  4. सरकारी स्तर: सरकारी स्तर पर लोगों को देखोल हिंसा से दूर रखने के लिए जनसंचार माध्यमों की मदद से जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जाते हैं और 'तंटामुक्त गांव' जैसे अभियान चलाकर गांवों को सम्मानित किया जाता है।
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मानवी सुरक्षा
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Chapter 2.3: भारत की सुरक्षा व्यवस्था - स्वाध्याय [Page 75]

APPEARS IN

Balbharati History and Political Science (Social Science) [Hindi] 9 Standard Maharashtra State Board
Chapter 2.3 भारत की सुरक्षा व्यवस्था
स्वाध्याय | Q 13. | Page 75
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