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समाजशास्त्र के उद्गम और विकास का अध्ययन क्यों महत्त्वपूर्ण है? - Sociology (समाजशास्त्र)

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Question

समाजशास्त्र के उद्गम और विकास का अध्ययन क्यों महत्त्वपूर्ण है?

Answer in Brief

Solution

समाजशास्त्र के उद्गम और विकास का अध्ययन समाजशास्त्र में अनेक व्यक्तिगत एवं सामाजिक पहलुओं की जानकारी के लिए महत्त्वपूर्ण है।

1. इंग्लैंड औद्योगिक क्रांति का केंद्रबिंदु था। इस तथ्य की जानकारी अत्यधिक महत्त्वपूर्ण है कि किस प्रकार शहरीकरण या कारखाना उत्पादन पद्धति ने सभी आधुनिक समाजों को प्रभावित किया।

2. भारत में समाजशास्त्र का केंद्रबिंदु व्यक्तियों के उद्गम और विकास, सामाजिक संगठन तथा इनकी समस्याएँ हैं। भारतीय इतिहास साम्राज्यवादी हमलों से भरा है। भारत में सामंतवाद, पूँजीवाद एवं उपनिवेशवाद की लंबी परंपरा रही है।

3. राजनीतिक, सामाजिक या सांस्कृतिक क्षेत्रों से संबंधित भारतीय इतिहास विदेशियों के द्वारा लिखा गया है और यह मुख्यतः उत्कंठाओं से भरा है। प्रधानतः भारतीय इतिहास पक्षपाती है। अतः भारत का समाजशास्त्र भी पक्षपाती है। वर्तमान समय में भारतीय समाज को इसकी परंपराओं की जटिलता के संदर्भ में समझा जा सकता है, जोकि तुर्क, मंगोल, कुषाण, अफगान तथा ब्रिटिश और आधुनिक विश्व के प्रभावों से निर्मित है। भारतीय समाजशास्त्र अपने इतिहास की जटिल उपज है। अतः समाजशास्त्र के उद्गम और विकास का अध्ययन समाजशास्त्र के लिए महत्त्वपूर्ण है।

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हमें यूरोप में समाजशास्त्र के आरंभ और विकास को क्यों पढ़ना चाहिए ?
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Chapter 1: समाजशास्त्र एवं समाज - अभ्यास [Page 25]

APPEARS IN

NCERT Sociology [Hindi] Class 11
Chapter 1 समाजशास्त्र एवं समाज
अभ्यास | Q 1. | Page 25
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