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समस्या समाधान में तर्कना किस प्रकार सहायक होती है ? - Psychology (मनोविज्ञान)

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Question

समस्या समाधान में तर्कना किस प्रकार सहायक होती है?

Long Answer

Solution

यदि आप रेल्वे प्लेटफार्म पर एक व्यक्ति को तेजी से दौड़ते हुए देखते हैं तो आप अनेक प्रकार के अनुमान लगा सकते हैं, जैसे - वह उस रेलगाड़ी को पकड़ने के लिए दौड़ रहा है जो अभी छूटने वाली है, वह अपने मित्र को विदा करना चाहता है जो उस छूटने वाली रेलगाड़ी में बैठा है, उसने अपना बैग गाड़ी में छोड़ दिया है और उसे गाड़ी छूटने से पहले प्राप्त करना चाहता है। यह समझने या अनुमान करने के लिए कि वह व्यक्ति क्यों दौड़ रहा है, आप अनेक किस प्रकार के तर्कना, निगमनात्मक अथवा आगमनात्मक का उपयोग कर सकते हैं।

निगमनात्मक तथा आगमनात्मक तर्कना :

चूँकि आपका पूर्व अनुभव यह बताता है कि प्लेटफार्म पर लोग रेलगाड़ी पकड़ने के लिए दौड़ते हैं, आप यह निष्कर्ष निकालेंगे कि इस व्यक्ति को देर हो रही है और वह रेलगाड़ी पकड़ने के लिए दौड़ रहा हैं। तर्कना का वह प्रकार जो एक अभिग्रह या पूर्वधारणा से प्रारंभ होता है उसे निगमनात्मक तर्कना कहते हैं। अतः निगमनात्मक तर्कना एक सामान्य अभिग्रह को विकसित करना है जिसे आप जानते हैं या विश्वास करते हैं कि सही है और फिर इस अभिग्रह के आधार पर विशिष्ट निष्कर्ष निकलते हैं। दूसरे शब्दों में यह सामान्य से विशिष्ट कि ओर तर्कना है। आपका सामान्य अभिग्रह यह है कि लोग प्लेटफार्म पर तब दौड़ते हैं जब उन्हें गाड़ी पकड़ने में देर हो रही होती हैं। आदमी प्लेटफार्म पर दौड़ रहा है अतः उसे गाड़ी पकड़ने के लिए देर हो रही हैं। एक गलती जो आप कर रहे हैं (और निगमनात्मक तर्कना में आमतौर पर लोग इस प्रकार की गलती करते ही हैं) वह यह है कि आप मान लेते हैं परंतु हमेशा नहीं जानते हैं कि मूल कथन या अभिग्रह सही है। यदि आधारभूत सूचना सही नहीं है, अर्थात लोग दूसरे कारणों से भी प्लेटफार्म पर दौड़ते हैं, तो आपका निष्कर्ष अवैध या गलत होगा। नीचे दिए गए चित्र में चहिया को देखें

क्या चुहिया सही और वैध निष्कर्ष निकाल रही है ?

यह जानने के लिए कि आदमी प्लेटफार्म पर क्यों दौड़ रहा है, एक दूसरा तरीका भी है - आगमनात्मक तर्कना का उपयोग करना। कभी -कभी आप अन्य संभावित कारणों का विश्लेषण करते एवं देखते हैं कि वास्तव में व्यक्ति क्या कर रहा है और तब उसके व्यवहार के विषय में निष्कर्ष निकलते हैं। वह तर्कना जो विशिष्ट प्रेक्षणों पर आधारित सामान्य निष्कर्ष निकलना है। पूर्व के उदहारण में आप अन्य व्यक्ति की अनुवर्ती क्रिया या गतिविधियों का प्रक्षेपण करते हैं; जैसे- रेलगाड़ी के डिब्बे में प्रवेश करना और एक बैग के साथ वापस आना। अपने प्रेक्षण के आधार पर आप निष्कर्ष निकालेंगे कि व्यक्ति ने रेलगाड़ी में अपना बैग छोड़ दिया था। यहाँ आप संपवतः सभी तथ्यों को जाने बिना एक निष्कर्ष पर पहुँचने की गलती करते हैं।

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समस्या समाधान
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Chapter 8: चिंतन - समीक्षात्मक प्रश्न [Page 174]

APPEARS IN

NCERT Psychology [Hindi] Class 11
Chapter 8 चिंतन
समीक्षात्मक प्रश्न | Q 4. | Page 174
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