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‘संग्रहालय संस्कृति और इतिहास के परिचायक होते हैं’ विषय पर अपने विचार लिखिए। - Hindi [हिंदी]

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Question

‘संग्रहालय संस्कृति और इतिहास के परिचायक होते हैं’ विषय पर अपने विचार लिखिए।

Answer in Brief

Solution

प्रत्येक संग्रहालय की स्थापना किसी विशिष्ट उद्देश्य को लेकर किसी विशेष योजना के अंतर्गत की जाती है। उसी के अनुसार संग्रहालय का रूप निर्धारित होता है। इस संग्रहालय के माध्यम से भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक धरोहर से अवगत कराने का लघु प्रयास किया गया है क्योंकि भारत की संस्कृति तथा संस्कृत वांग्मय का भंडार इतना विस्तृत है कि इसको दर्शान के लिए एक अति विशाल संग्रहालय की आवश्यकता है।

यह समझना भूल है कि हम अपने अतीत की एकदम उपेक्षा करके बड़े हो जाएँगे। अतीत ही वर्तमान को जन्म देता है। उसके दोष-गुण से वर्तमान प्रभावित रहता है। हम अपनी उन महान निधियों को नहीं भुला सकते जिन्होंने शताब्दियों तक मनुष्य को संयमी, सौंदर्य-प्रेमी और संवेदनशील बनाया है, जिन्होंने हमारे पूर्वजों के अंतर को धर्म-भीरु और बाहर को दृढ़ बनाया था।

हमारे ग्रंथ हमारे ऐतिहासिक भग्नावशेष संग्रहालय और हमारी कलात्मक कृतियाँ हमें महान और उदार बनाती हैं तथा हमारी संस्कृति और इतिहास की परिचायक होती हैं। उनकी और जितना भी ध्यान दिया जा सके उतना ही अच्छा होगा। युग-युग से मनुष्य को मनुष्योचित गुणों के प्रति निष्ठावान बनाने वाली इन वस्तुओं के संरक्षण और प्रचार की व्यवस्था को भुलाना एकदम वांछनीय नहीं हैं। जो लोग इस प्रकार तर्क करते हैं कि जिन देशों में ये वस्तुएँ नहीं है, वे भी तो कम उन्नत नहीं है, वे दया के पात्र हैं। उन देशों के निवासियों के हृदय में पैठने की शक्ति उनमें नहीं है।

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टॉॅल्स्टॉय के घर के दर्शन
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Chapter 2.1: टॉल्स्टॉय के घर के दर्शन - अभिव्यक्‍ति [Page 107]

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Balbharati Hindi - Kumarbharati 10 Standard SSC Maharashtra State Board
Chapter 2.1 टॉल्स्टॉय के घर के दर्शन
अभिव्यक्‍ति | Q १. | Page 107
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