English

संक्षिप्त वर्णित करें - ज्यामितीय वृद्धि - Biology (जीव विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

संक्षिप्त वर्णित करें - 

ज्यामितीय वृद्धि

Answer in Brief

Solution

प्रारम्भिक धीमा वृद्धि काल में वृद्धि की दर पर्याप्त धीमी होती है। तत्पश्चात् यह दर तीव्र हो जाती है और उच्चतम बिन्दु तक पहुँच जाती है। इसे मध्य तीव्र वृद्धि काल कहते हैं। इसके पश्चात् यह दर धीरे-धीरे कम होती जाती है और अन्त में में स्थिर हो जाती है। इसे अन्तिम धीमा वृद्धि काल कहते हैं। इसे ज्यामितीय वृद्धि कहते हैं। इसमें सूत्री विभाजन से बनी दोनों संतति कोशिकाएँ एक समसूत्री कोशिका विभाजन को अनुकरण करती हैं और इसी प्रकार विभाजित होने की क्षमता बनाए रखती हैं। यद्यपि सीमित पोषण, आपूर्ति के साथ वृद्धि दर धीमी होकर स्थिर हो जाती है। समय के प्रति वृद्धि दर को ग्राफ पर अंकित करने पर एक सिग्मॉइड वक्र प्राप्त होता है। यह ‘S’ की आकृति का होता है। ज्यामितीय वृद्धि को गणितीय रूप से निम्नलिखित प्रकार व्यक्त कर सकते हैं -

एक आदर्श सिग्मॉइड वक्र

W1 = `"W"_0^{"ert"}` 

जहाँ W= अन्तिम आकार–भार, ऊँचाई, संख्या आदि

W0 = प्रारम्भिक आकार, वृद्धि के प्रारम्भ में

r = वृद्धि दर (सापेक्ष वृद्धि दर)

t = समय में वृद्धि

e = स्वाभाविक लघुगणक का आधार 

r = एक सापेक्ष वृद्धि दर है।

यह पौधे द्वारा नई पादप सामग्री का निर्माण क्षमता को मापने के लिए है, जिसे एक दक्षता सूचकांक के रूप में संदर्भित किया जाता है; अतः W1 का अन्तिम आकार W0 के प्रारम्भिक आकार पर निर्भर करता है।

shaalaa.com
पादप वृद्धि
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 13: पादप वृद्धि एवं परिवर्धन - अभ्यास [Page 179]

APPEARS IN

NCERT Biology [Hindi] Class 11
Chapter 13 पादप वृद्धि एवं परिवर्धन
अभ्यास | Q 3. (ब) | Page 179
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×