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स्पष्ट कीजिए की कैसे कर्ता द्वारा किया गया गुनरोपण प्रेक्षक के द्वारा किये गए गुनरोपण से भिन्न होगा। - Psychology (मनोविज्ञान)

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Question

स्पष्ट कीजिए की कैसे कर्ता द्वारा किया गया गुनरोपण प्रेक्षक के द्वारा किये गए गुनरोपण से भिन्न होगा।

Answer in Brief

Solution

किसी व्यक्ति द्वारा द्वारा स्वय के सकारात्क एवं नकारात्मक अनुभव के लिए किये जाने वाले गुनरोपण तथा दूसरे व्यक्ति के सकारात्मक एवं नकारात्मक अनुभवों के लिए किये जाने वाले गुनरोपण के अंतर् पाया जाता है। इसे कर्ता - प्रेक्षप प्रभाव कहते है। उदाहरण के तौर पर, यदि आप स्वय परीक्षा में अच्छे अंक अर्जित करते है। तो आप इसका गुनार ओपन स्वय को योग्यता या कठोर परिश्रम पर करेंगे यदि आप खराब अंक पते है तो आप कहेगे यह इसलिए हुआ क्योकि आप दुर्भाग्यशाली थे, या परीक्षा बहुत कठिन थी, दूसरे ओर, यदि आपका एक सहपाठी इस परीक्षा में अच्छे अंक पाता है तो आप उसकी सफलता को उसके अच्छे भाग गई या सरल परीक्षा पर आरोपित करेंगे यदि वही सहपाठी खराब अंक पाता है तो आपके यह कहने की संभावना है की वह कम योगिता या की कमी के कारण असफल रहा। कर्ता एवं प्रेक्षक की भूमिका में अंतर् का मूल कारण यह है की लोग दूसरो की तुलना में अपनी एक अच्छी छवि चाहते है।

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छवि निर्माण तथा गुणारोपण के द्वारा दूसरों के व्यवहार की व्याख्या करना
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Chapter 6: अभिवृत्ति एवं सामाजिक संज्ञान - समीक्षात्मक प्रश्न [Page 134]

APPEARS IN

NCERT Psychology [Hindi] Class 12
Chapter 6 अभिवृत्ति एवं सामाजिक संज्ञान
समीक्षात्मक प्रश्न | Q 9. | Page 134
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