English

सत्य का दिखना और ओझल होना से कवि का क्या तात्पर्य है? - Hindi (Elective)

Advertisements
Advertisements

Question

सत्य का दिखना और ओझल होना से कवि का क्या तात्पर्य है?

Short Note

Solution

सत्य स्वयं में एक प्रबल शक्ति है। उसे दिखने से कोई नहीं रोक सकते हैं परन्तु यदि परिस्थितियाँ इसके विरोध में आ जाएँ, तो वह शीघ्रता से ओझल हो जाता है। सत्य को हर समय अपने सम्मुख रखना संभव नहीं है क्योंकि यह कोई वस्तु नहीं है। यही कारण है कि यह स्थिर नहीं रह पाता और यही सबसे बड़े दुख की बात भी है। लोग अपने स्वार्थ के लिए सत्य को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत करते हैं। उनके कारण सत्य कहीं ओझल हो जाता है और रह जाता है, तो असत्य। सत्य तभी प्रकट होता है, जब दृढ़तापूर्वक उसका आचरण किया जाता है या उस पर अडिग रहा जाए। युधिष्ठिर उसका सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने किसी भी परिस्थिति में सत्य का साथ नहीं छोड़ा।

shaalaa.com
सत्य
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 1.05: विष्णु खरे (एक कम, सत्य) - प्रश्न-अभ्यास [Page 33]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Antara Class 12
Chapter 1.05 विष्णु खरे (एक कम, सत्य)
प्रश्न-अभ्यास | Q 2. | Page 33

RELATED QUESTIONS

सत्य क्या पुकारने से मिल सकता है? युधिष्ठिर विदुर को क्यों पुकार रहे हैं- महाभारत के प्रसंग से सत्य के अर्थ खोलें।


सत्य और संकल्प के अंतर्संबंध पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।


'युधिष्ठिर जैसा संकल्प' से क्या अभिप्राय है?


कविता में बार-बार प्रयुक्त 'हम' कौन है और उसकी चिंता क्या है?


सत्य की राह पर चल। अगर अपना भला चाहता है तो सच्चाई को पकड़।– इन पंक्तियों के प्रकाश में कविता का मर्म खोलिए।


आप सत्य को अपने अनुभव के आधार पर परिभाषित कीजिए।


'ईमानदारी और सत्य की राह आत्म सुख प्रदान करती है' इस विषय पर कक्षा में परिचर्चा कीजिए।


गांधी जी की आत्मकथा 'सत्य के प्रयोग' की कक्षा में चर्चा कीजिए।


'लगे रहो मुन्नाभाई' फ़िल्म पर चर्चा कीजिए।


कविता में आए महाभारत के कथा-प्रसंगों को जानिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×