English

‘सुख की व्याख्या बदल गई है’ के माध्यम से लेखक क्या कहना चाहता है?अथवा‘उपभोक्तावाद की संस्कृति’ पाठ के आधार पर बताइए कि कौन-सी बात सुख बनकर रह गई है? - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

Question

‘सुख की व्याख्या बदल गई है’ के माध्यम से लेखक क्या कहना चाहता है?
अथवा
‘उपभोक्तावाद की संस्कृति’ पाठ के आधार पर बताइए कि कौन-सी बात सुख बनकर रह गई है?

One Line Answer

Solution

पहले लोगों को त्याग, परोपकार तथा अच्छे कार्यों से मन को जो सुख-शांति मिलती थी उसे सुख मानते थे, पर आज विभिन्न वस्तुओं और भौतिक साधनों के उपभोग को सुख मानने लगे हैं।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 9 A)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 3: उपभोक्तावाद की संस्कृति - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
Chapter 3 उपभोक्तावाद की संस्कृति
अतिरिक्त प्रश्न | Q 1

RELATED QUESTIONS

लेखक ने दिल दहला देने वाला समाचार किसे कहा है और क्यों?


पाठ के आधार पर लिखिए कि जीवन में कैसे इंसानों को अधिक श्रद्धा भाव से देखा जाता है?


हीरा-मोती की आँखों में विद्रोहमय स्नेह कब झलकता हुआ प्रतीत हुआ और क्यों?


“दो बैलों की कथा’ पाठ में लेखक ने ‘सीधेपन’ के संबंध में क्या कहा है? इसके लिए उसने क्या-क्या उदाहरण दिए हैं?


तिब्बत यात्रा के दौरान लेखक ने क्या-क्या नए अनुभव प्राप्त किए?


आज की उपभोक्ता संस्कृति हमारे रीति-रिवाजों और त्योहारों को किस प्रकार प्रभावित कर रही है? अपने अनुभव के आधार पर एक अनुच्छेद लिखिए।


आउटरम कौन था? वह सेनापति ‘हे’ पर क्यों बिगड़ उठा?


6 सितंबर को ‘टाइम्स’ पत्र में छपे लेख की मुख्य बातें क्या थीं?


प्रेमचंद के चेहरे पर कैसी मुसकान थी और क्यों?


महादेवी ने कवि सम्मेलनों में कविता पाठ के लिए अपना नाम बुलाए जाने से पहले होने वाली बेचैनी का ज़िक्र किया है। अपने विद्यालय में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते समय आपने जो बेचैनी अनुभव की होगी, उस पर डायरी का एक पृष्ठ लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×