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सूक्ष्मजीवों का प्रयोग ऊर्जा के स्रोतों के रूप में भी किया जा सकता है। यदि हाँ, तो किस प्रकार से इस पर विचार करें? - Biology (जीव विज्ञान)

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Question

सूक्ष्मजीवों का प्रयोग ऊर्जा के स्रोतों के रूप में भी किया जा सकता है। यदि हाँ, तो किस प्रकार से इस पर विचार करें?

Answer in Brief

Solution

सूक्ष्मजीव ऊर्जा का स्रोत हो सकते हैं। बायोगैस अवायुवीय सूक्ष्मजीवों द्वारा अवकर्षण कार्बनिक पदार्थों से निर्मित गैसों का मिश्रण है जिसका उपयोग ईंधन के रूप में किया जा सकता है। बायोगैस उत्पादन में उपयोग किए जाने वाले सूक्ष्मजीव अधिकतर कल्पित और पूर्णतः अवायुवीय जीवाणु होते हैं। उनमें से सबसे महत्वपूर्ण मीथैनोजेनिक आर्कबैक्टीरिया हैं, जैसे कि मीथैनोबैक्टीरियम। मीथेन (बायोगैस का 50-68%) सबसे ज्वलनशील घटक है। शेष गैसें CO2 (25-35%), हाइड्रोजन (1-5%), नाइट्रोजन (2-7%), ऑक्सीजन (0-0.1%), और H2S (अंश) हैं। बायोगैस का व्यावसायिक उत्पादन बायोगैस संयंत्र में किया जाता है। संयंत्र को गोबर (डंग) और पानी (1:1 अनुपात) का मिश्रण खिलाया जाता है। गोबर (डंग) पशुओं के मल है, जिसे कभी-कभी 'गोबर' के रूप में जाना जाता है, यही कारण है कि संयंत्र को 'गोबर गैस संयंत्र' के रूप में भी जाना जाता है। पशुओं के मल संयंत्र व्युत्पन्न से प्राप्त सैल्यूलोजीय पदार्थों का एक अति उत्तम स्रोत है। बायोगैस ईंधन की लकड़ी, केरोसिन, गोबर के उपले, बिजली और एलपीजी (LPG) का विकल्प है। इसका उपयोग तापन, खाना बनाने, प्रकाश व्यवस्था और सिंचाई के लिए किया जाता है। इसे पर्यावरण के लिए अनुकूल और प्रदूषण मुक्त ऊर्जा माना जाता है।

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बॉयोगैस के उत्पादों में सूक्ष्मजीव
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Chapter 10: मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव - अभ्यास [Page 209]

APPEARS IN

NCERT Biology [Hindi] Class 12
Chapter 10 मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव
अभ्यास | Q 9. | Page 209
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