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Question
सुनीता को सड़क की जिंदगी देखने में मज़ा आता है।
तुम्हारे विचार से सुनीता को सड़क देखना अच्छा क्यों लगता होगा?
Solution
सुनीता को सड़क देखना अच्छा इसलिए लगता होगा क्योंकि वह अपने पैरों से चलने-फिरने में असमर्थ थी। इस वजह से उसे बाहर निकलने का मौका बहुत कम मिलता था। और जब कभी उसे ऐसा मौका मिल गया वह सड़क के चहल-पहल को देखकर खुश हो जाती।
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____________ ____________ ____________ प्रिय सुनीता, ________________________________________________ ________________________________________________ ________________________________________________ ________________________________________________ ________________________________________________
तुम्हारी ____________ ____________ |
सुनीता ने कहा, “मैं पैरों से चल ही नहीं सकती।”
सुनीता अपने पैरों से चल-फिर नहीं सकती। तुमने पिछले साल पर्यावरण अध्ययन की किताब आस-पास में रवि भैया के बारे में पढ़ा होगा। रवि भैया देख नहीं सकते फिर भी वे किताबें पढ़ लेते हैं।
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- उस तरह की किताबों के बारे में सबसे पहले किसने सोचा?
सुनीता जैसे कई बच्चे हैं। इनमें से कुछ देख नहीं सकते तो कुछ बोल या सुन नहीं सकते। कुछ बच्चों के हाथों में परेशानी है, तो कुछ चल नहीं सकते।
तुम ऐसे ही किसी एक बच्चे के बारे में सोचो। यदि तुम्हें कोई शारीरिक परेशानी है, तो अपनी चुनौतियों के बारे में भी सोचो। उस चुनौती का सामना करने के लिए तुम क्या आविष्कार करना चाहोगे? उसके बारे में सोचकर बताओ कि
- तुम वह कैसे बनाओगे?
- उसे बनाने के लिए किन चीज़ों की ज़रूरत होगी?
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- उस चीज़ का चित्र भी बनाओ।