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टिप्पणी लिखिए। हेमाड़पंती शैली - History and Political Science [इतिहास और राजनीति विज्ञान]

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Question

टिप्पणी लिखिए।

हेमाड़पंती शैली

Short Note

Solution

मुख्य रूप से बारहवीं-तेरहवीं शताब्दी में यादवों के कार्यकाल में महाराष्ट्र में हेमाड़पंती मंदिरों का निर्माण हुआ।

  1. हेमाड़पंती स्थापत्यशैली की यह मुख्य विशेषता थी कि दो पत्थरों के बीच की जगह में चूना अथवा मिट्टी नहीं भरी जाती थी। पत्थरों में बने छेद में चूल बिठाकर उन्हें एक-दूसरे से फँसाया जाता था और इस प्रकार दीवार तैयार की जाती थी।
  2. हेमाड़पंती मंदिरों की बनावट में मुख्य रूप से तारकाकृति निर्माण कार्य पाया जाता है।
  3. तारकाकृति मंदिरों की बाहरी दीवार अनेक कोणों में विभाजित होती हैं।
  4. इन पत्थरों की दीवारों पर उकेरे गए देवताओं के शिल्प पर्यटकों के आकर्षण केंद्र हैं। संपूर्ण महाराष्ट्र में हेमाड़पंती शैली के ये मंदिर तत्कालीन शिल्प तथा स्थापत्य कला का विकास दर्शाते हैं।
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भारत की दृश्य कला परंपरा
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Chapter 1.4: भारतीय कलाओं का इतिहास - स्वाध्याय [Page 31]

APPEARS IN

Balbharati History and Political Science (Social Science) [Hindi] 10 Standard SSC Maharashtra State Board
Chapter 1.4 भारतीय कलाओं का इतिहास
स्वाध्याय | Q २. (२) | Page 31

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मथुरा शिल्पशैली का उदय _________ के शासनकाल में हुआ।


निम्न से असत्य जोड़ी में सुधार कर पुनः लिखिए।


निम्न कथनों को कारणसहित स्पष्ट कीजिए।

कला के इतिहास का गहन अध्ययन करने वाले तज्ञों की आवश्यकता होती है।


निम्न कथन को कारणसहित स्पष्ट कीजिए।

चित्रकथी जैसी विलुप्त होती जा रही परंपरा को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है।


निम्न सारिणी पूर्ण कीजिए।

मंदिर स्थापत्य शैली नागर द्राविड़ हेमाड़पंती
विशेषताएँ      
उदाहरण      

भारत की मुस्लिम स्थापत्य शैली की सोदाहरण विशेषताएँ लिखिए।


नीचे दिए गए चित्र का निरीक्षण कीजिए और निम्न मुद्‌दों के आधार पर वारली चित्रकला के विषय में जानकारी लिखिए।

(अ) प्रकृति का चित्रण

(ब) मानवाकृतियों का आरेखन

(क) व्यवसाय

(ड) मकान


निम्न संकल्पना-चित्र को पूर्ण कीजिए:

 


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