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उच्च पद पर पहुँचकर या अधिक समृद्ध होकर व्यक्ति अपने निर्धन माता-पिता-भाई-बंधुओं से नजर फेरने लग जाता है, ऐसे लोगों के लिए सुदामा चरित कैसी चुनौती खड़ी करता है? लिखिए। - Hindi (हिंदी)

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Question

उच्च पद पर पहुँचकर या अधिक समृद्ध होकर व्यक्ति अपने निर्धन माता-पिता-भाई-बंधुओं से नजर फेरने लग जाता है, ऐसे लोगों के लिए सुदामा चरित कैसी चुनौती खड़ी करता है? लिखिए।

Short Note

Solution

उच्च पद पर पहुँच कर लोग अक्सर अपने सगे-संबधियों, अपने मित्रों को भूल जाते हैं, ऐसे लोगों को सुदामा चरित से शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए। यह रचना ऐसे लोगों के लिए एक सबक है। जिससे हमें यह शिक्षा मिलती है कि अधिक समृद्ध हो जाने पर हमें अहंकार वश किसी को तुच्छ नहीं समझना चाहिए।

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पद्य (Poetry) (Class 8)
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Chapter 12: सुदामा चरित - कविता से आगे [Page 72]

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NCERT Hindi - Vasant Part 3 Class 8
Chapter 12 सुदामा चरित
कविता से आगे | Q 2 | Page 72

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"खेल-खिलौनों की दुनिया में तुमको परी बनाऊँगा।" बचपन में तुम भी बहुत से खिलौनों से खेले होगे। अपने किसी खिलौने के बारे में बताओ।


दिए गए शब्दों के अंतिम वर्ण से नए शब्द का निर्माण करो -

मेला लाल लगन नया याद
पिया        
खोल        
शिशुमन        

मम्मी और महरी के काम में तुम्हें जो कुछ समानता और असमानता नज़र आती है, उसे अपने ढंग से बताओ।


पता करो कि सुबह के समय खुले स्थानों पर ओस की बूँदें कैसे बन जाती हैं? इसे अपने शिक्षक को बताओ।


क्या ओस, कोहरा और वर्षा में कोई संबंध है? इसके बनने और होने के कारणों का पता लगाओ और उसे अपने ढंग से लिखकर शिक्षक को दिखाओ।


"इनकी शोभा निरख-निरख कर,
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तुम्हारे विचार से यह किस मौसम की कविता हो सकती है?


नीचे लिखी चीज़ों जैसी कुछ और चीज़ों के नाम सोचकर लिखो–

(क)

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(ख)

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(घ)

फूलों जैसे सुंदर

_______________

आजकल पुराने ज़माने की अपेक्षा किसान बहुत अधिक चीज़ों की खेती करने लगे हैं। खेती का स्वरूप बहुत विशाल हो गया है। पता करो कि आजकल भारत के लोग किन-किन चीज़ों की खेती करते हैं? अपने साथियों के साथ मिलकर एक सूची तैयार करो।


"उड़ने वाले काले जलधर 

नाच-नाच कर गरज-गरज कर

ओढ़ फुहारों की सित चादर 

देख उतरते हैं धरती पर"

बादल गरज-गरज कर धरती पर बरसते हैं परंतु इसके बिलकुल उलट एक मुहावरा है–

जो गरजते हैं, वे बरसते नहीं।

कक्षा में पाँच-पाँच बच्चों के समूह बनाकर चर्चा करो कि दोनों बातों में से कौन-सी बात अधिक सही है। अपने उत्तर का कारण भी बताओ। चर्चा के बाद प्रत्येक समूह का एक प्रतिनिधि पूरी कक्षा को अपने समूह के विचार बताएगा।


कवि को ऐसा विश्वास क्यों है कि उसका अंत अभी नहीं होगा?


पक्षी और बादल की चिट्ठियों के आदान-प्रदान को आप किस दृष्टि से देख सकते हैं?


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द्वारका से खाली हाथ लौटते समय सुदामा मार्ग में क्या-क्या सोचते जा रहे थे? वह कृष्ण के व्यवहार से क्यों खीझ रहे थे? सुदामा के मन की दुविधा को अपने शब्दों में प्रकट कीजिए।


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''पानी परात को हाथ छुयो नहिं, नैनन के जल सो पग धोए''

ऊपर लिखी गई पंक्ति को ध्यान से पढ़िए। इसमें बात को बहुत अधिक बढ़ा-चढ़ाकर चित्रित किया गया है। जब किसी बात को इतना बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया जाता है तो वहाँ पर अतिशयोक्ति अलंकार होता है। आप भी कविता में से एक अतिशयोक्ति अलंकार का उदाहरण छाँटिए।


"हरी घास पर बिखरे दी हैं
ये किसने मोती की लड़ियाँ?"

ऊपर की पंक्तियों को उलट-फेर कर इस तरह भी लिखा जा सकता है–
"हरी घास पर ये मोती की लड़ियाँ किसने बिखेर दी हैं?"

इसी तरह नीचे लिखी पंक्तियों में उलट-फेर कर तुम भी उसे अपने ढंग से लिखो।

"नभ के नन्हें तारों में ये
कौन दमकते हैं यों दमदम?"


तुम चाहो तो 'पहला दिन' शीर्षक पर कुछ पंक्तियों की कोई कविता भी लिखकर दिखा सकते हो।


क्या होगा - वर्षा हो मगर आँधी-तूफ़ान के साथ हो।


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