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Question
उड़ने के बाद चुरुंगुन कहाँ-कहाँ गया होगा? उसने क्या-क्या देख होगा? अपने शब्दों में लिखो।
Solution
उड़ने के बाद चुरुंगुन बाग-बगीचों, घरों और मैदानों में गया होगा। उसने वहाँ रंग-बिरंगें फूल, बच्चे, लोग, पानी, जानवर और अन्य जातियों के पक्षियों को देखा होगा। इन सबको देखकर उसे आश्चर्य और आनंद दोनों आया होगा।
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इस कविता को कवि ने ‘मैं’ से आरंभ किया है- ‘मैं घमंडों में भरा ऐंठा हुआ’। कवि का यह ‘मैं’ कविता पढ़ने वाले व्यक्ति से भी जुड़ सकता है और तब अनुभव यह होगा कि कविता पढ़ने वाला व्यक्ति अपनी बात बता रहा है। यदि कविता में ‘मैं’ की जगह ‘वह’ या कोई नाम लिख दिया जाए, तब कविता के वाक्यों में बदलाव की जाएगा। कविता में ‘मैं’ के स्थान पर ‘वह’ या कोई नाम लिखकर वाक्यों के बदलाव को देखिए और कक्षा में पढ़कर सुनाइए।
नीचे दी गई पंक्तियों को ध्यान से पढ़िए-
ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी,
तब ‘समझ’ ने यों मुझे ताने दिए।
• इन पंक्तियों में ऐंठ’ और ‘समझ’ शब्दों का प्रयोग सजीव प्राणी की भाँति हुआ है। कल्पना कीजिए, यदि ‘ऐंठ’ और ‘समझ’ किसी नाटक में दो पात्र होते तो उनको अभिनय कैसा होता?
'कण-कण में है व्याप्त वही स्वर ______ कालकूट फणि की चिंतामणि'
(क) 'वही स्वर','वह ध्वनि' एवं 'वही तान' आदि वाक्यांश किसके लिए/ किस भाव के लिए प्रयुक्त हुए हैं?
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पाठ के आधार पर सावन की विशेषताएँ लिखिए।
नमूने के अनुसार लिखो:
नमूना → |
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात।
|
चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे। |
डाली से डाली पर पहुँचा,
देखी कलियाँ देखे फूल।
नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। कविता की अगली पंक्ति स्वयं बनाओ। ध्यान रखो, कविता में से देखकर नहीं लिखना।
नमूना → | ज़ोर - ज़ोर से गरज रहे है। |
तड़ तड़ तड़ तड़ बरस रहे है। |
तब माँ कोई कर न सकेगा