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उस दोहरी प्रक्रिया का वर्णन करें जिसके कारण सामाजिक पर्यावरण का उद्भव होता है? - Sociology (समाजशास्त्र)

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Question

उस दोहरी प्रक्रिया का वर्णन करें जिसके कारण सामाजिक पर्यावरण का उद्भव होता है?

Answer in Brief

Solution

  • जैवभौतिक पारिस्थितिकी तथा मनुष्य के हस्तक्षेप की अन्त:क्रिया के द्वारा सामाजिक पर्यावरण का उद्भव होता है।
  • जिस प्रकार से प्रकृति समाज को आकार देती है। ठीक उसी प्रकार से समाज भी प्रकृति को आकार देता है। अतः यह दो-तरफा प्रक्रिया है। उदाहरण के तौर पर, सिंधु-गंगा की उपजाऊ भूमि गहन कृषि के लिए उपयुक्त है। इसकी उच्च उत्पादक क्षमता के कारण यहाँ घनी आबादी का क्षेत्र बसा है और अतिरिक्त उत्पादन से गैर कृषि क्रियाकलाप आगे चलकर जटिल अधिक्रमिक समाज तथा राज्य को जन्म देते हैं।
  • ठीक इसके विपरीत, राजस्थान के मरुस्थल केवल पशुपालकों को ही सहारा दे पाते हैं। वे अपने पशुओं के चारे की खोज में इधर-उधर भटकते रहते हैं ताकि उनके पशुओं को चारा मिलता रहे।
  • ये पारिस्थितिकी के उदाहरण हैं जो मानव के जीवन और संस्कृति को आकार देते हैं।
  • दूसरी तरफ, पूँजीवादी सामाजिक संगठनों ने भी विश्वभर की प्रकृति को आकार दिया है।
  • निजी परिवहन पूँजीवादी उपयोगी वस्तु का एक ऐसा उदाहरण है जिसने जीवन तथा भू-दृश्य दोनों को बदल दिया है। शहरों में वायु प्रदूषण तथा भीड़भाड़, क्षेत्रीय अगड़े, तेल के लिए युद्ध और विश्वव्यापी तापमान में वृद्धि, गाड़ियों के पर्यावरण पर होने वाले प्रभावों के कुछ एक उदाहरण हैं।
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पर्यावरण की प्रमुख समस्याएँ और जोखिम
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Chapter 3: पर्यावरण और समाज - अभ्यास [Page 69]

APPEARS IN

NCERT Sociology [Hindi] Class 11
Chapter 3 पर्यावरण और समाज
अभ्यास | Q 3. | Page 69
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