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उस स्थिति में सीमान्त संप्राप्ति वक्र के आकार पर टिप्पणी कीजिए, जिसमें कुल संप्राप्ति वक्र समस्तरीय सरल रेखा हो। - Economics (अर्थशास्त्र)

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Question

उस स्थिति में सीमान्त संप्राप्ति वक्र के आकार पर टिप्पणी कीजिए, जिसमें कुल संप्राप्ति वक्र

समस्तरीय सरल रेखा हो।

Short Note

Solution

जब कुल संप्राप्ति वक्र एक समस्तरीय सरल रेखा हो, तो सीमान्त संप्राप्ति वक्र X-अक्ष को स्पर्श करेगा अर्थात् MR = 0 होगा। क्योंकि
TR = CMR, TR = 0
MR = 0

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वस्तु बाज़ार में सामान्य एकाधिकार
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Chapter 6: प्रतिस्पर्धारहित बाज़ार - अभ्यास [Page 115]

APPEARS IN

NCERT Economics - Introductory Microeconomics [English] Class 11
Chapter 6 प्रतिस्पर्धारहित बाज़ार
अभ्यास | Q 6. (ii) | Page 115

RELATED QUESTIONS

  • माँग वक्र का आकार क्या होगा ताकि कुल संप्राप्ति वक्र
  1. a मूल बिन्दु से होकर गुजरती हुई धनात्मक प्रवणता वाली सरल रेखा हो।
  2. a समस्तरीय रेखा हो।

नीचे दी गई सारणी से कुल संप्राप्ति माँग वक्र और माँग की कीमत लोच की गणना कीजिए।

मात्रा संप्राप्ति  समान्त
1 10
2 6
3 2
4 2
5 2
6 0
7 0
8 0
9 -5

जब माँग वक्र लोचदार हो तो सीमान्त संप्राप्ति का मूल्य क्या होगा?


एक एकाधिकारी फर्म की कुल स्थिर लागत 100 ₹ और निम्नलिखित माँग सारणी है|

मात्रा 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10
कीमत 100 90 80 70 60 50 40 30 20 10

अल्पकाल में संतुलन मात्रा, कीमत और कुल लाभ प्राप्त कीजिए। दीर्घकाल में संतुलन क्या होगा? जब कुल लागत 1000 ₹ हो तो अल्पकाल और दीर्घकाल में संतुलन का वर्णन करो।


यदि अभ्यास 3 का एकाधिकारी फर्म सार्वजनिक क्षेत्र को फर्म हो, तो सरकार इसके प्रबंधक के लिए दी हुई सरकारी स्थिर कीमत (अर्थात् वह कीमत स्वीकारकर्ता है और इसीलिए पूर्ण प्रतिस्पर्धात्मक बाजार के फर्म जैसा व्यवहार करता है) स्वीकार करने के लिए नियम बनाएगी और सरकार यह निर्धारित करेगी कि ऐसी कीमत निर्धारित हो, जिससे बाजार में माँग और पूर्ति समान हो। उस स्थिति में संतुलन कीमत, मात्रा और लाभ क्या होंगे?


उस स्थिति में सीमान्त संप्राप्ति वक्र के आकार पर टिप्पणी कीजिए, जिसमें कुल संप्राप्ति वक्र

धनात्मक प्रवणता वाली सरल रेखा हो


नीचे सारणी में वस्तु की बाजार माँग वक्र और वस्तु उत्पादक एकाधिकारी फर्म के लिए कुल लागत दी हुई है। इनका उपयोग करके निम्नलिखित की गणना करें-

मात्रा  0 1 2 3 4 5 6 7 8
कीमत 52 44 37 31 26 22 19 16 13
मात्रा  0 1 2 3 4 5 6 7 8
कुल लागत 10 60 90 100 102 105 109 115 125
  1. सीमान्त संप्राप्ति और सीमांत लागत सारणी
  2. वह मात्रा जिस पर सीमांत संप्राप्ति और सीमांत लागत बराबर है।
  3. निर्गत की संतुलन मात्रा और वस्तु की संतुलन कीमत
  4. संतुलन में कुल संप्राप्ति, कुल लागत और कुल लाभ

निर्गत के उत्तम अल्पकाल में यदि घाटा हो, तो क्या अल्पकाल में एकाधिकारी फर्म उत्पादन को जारी रखेगी?


आय अनम्य कीमत का क्या अभिप्राय है? अल्पाधिकार के व्यवहार से इस प्रकार का निष्कर्ष कैसे निकल सकता है?


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