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Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 7th Standard

विद्यार्थियों को महापुरुषों दूवारा लिखे पत्रों को पुस्तकालय/अंतरजाल के माध्यम से पढ़ने के लिए प्रेरित करें। - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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Question

विद्यार्थियों को महापुरुषों दूवारा लिखे पत्रों को पुस्तकालय/अंतरजाल के माध्यम से पढ़ने के लिए प्रेरित करें।

Short Answer

Solution

विद्यार्थियों को महापुरुषों द्वारा लिखे गए पत्र पढ़ने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। ये पत्र न केवल ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि उनके विचारों और संघर्षों को समझने में भी सहायक होते हैं।

विद्यार्थियों को पुस्तकालय जाने के लिए कहें और वहाँ महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, जवाहरलाल नेहरू, डॉ. भीमराव अंबेडकर, भगत सिंह आदि के पत्रों को पढ़ने के लिए प्रेरित करें। इसके अलावा, इंटरनेट पर राष्ट्रीय अभिलेखागार, डिजिटल पुस्तकालय और गूगल बुक्स जैसी साइटों से इन पत्रों को पढ़ने का सुझाव दें।

कक्षा में गतिविधि के रूप में, विद्यार्थियों से कहें कि वे किसी महापुरुष का पत्र पढ़कर उसमें बताए गए विचारों को साझा करें। उन्हें यह सोचने के लिए प्रेरित करें कि यदि वे किसी महापुरुष को पत्र लिखते, तो उसमें क्या लिखते।

महात्मा गांधी के पत्र सत्य और अहिंसा पर आधारित होते थे। जवाहरलाल नेहरू ने अपनी बेटी इंदिरा गांधी को प्रेरणादायक पत्र लिखे। डॉ. अंबेडकर के पत्र सामाजिक न्याय से जुड़े होते थे। भगत सिंह ने जेल से कई विचारोत्तेजक पत्र लिखे।

महापुरुषों के पत्र विद्यार्थियों के विचारों को परिपक्व बनाने और इतिहास को समझने में सहायक होते हैं। उन्हें पुस्तकालय और इंटरनेट का उपयोग करके इन पत्रों को पढ़ने के लिए प्रेरित करें।

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Chapter 3.4: देहात और शहर - अंतःपाठ प्रश्न [Page 74]

APPEARS IN

Balbharati Integrated 7 Standard Part 1 [Marathi Medium] Maharashtra State Board
Chapter 3.4 देहात और शहर
अंतःपाठ प्रश्न | Q १२. | Page 74
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